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हथियार लिए सड़क पर थे लोग, पुलिस ने नहीं की कार्रवाई

Fri, 18 Mar 2016 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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हरियाणा मानवाधिकार आयोग - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सर, लोग हथियार लिए सड़क पर बैठे थे तो कई हवा मेें लहरा रहे थे। पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। हथियार लिए लोगों भीड़ पर जानलेवा हमला किया। लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों, कर्मचारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। यह बात लोगों ने रेस्ट हाउस में हरियाणा मानवाधिकार आयोग के सचिव रमेश कृष्ण(आईएएस) के सामने रखी। आयोग सचिव ने लोगों की सुनवाई के बाद उचित रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजने का आश्वासन दिया।
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भिवानी निरीक्षण पर पहुंचे  मानव अधिकार आयोग के सचिव रमेश कृष्ण ने सबसे पहले स्थानीय प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के साथ गांव खरक, बामला के पेट्रोल पंप, बैंक का निरीक्षण किया। इसके बाद रेस्ट हाउस में लोगों की शिकायतें सुनी। गैर जाट बिरादरी के आदर्श समाज के प्रतिनिधिमंडल ने आयोग सचिव से मिलते हुए बताया कि भिवानी में हुए दंगों वाले दिन खासी संख्या में युवक हथियार तलवार, बरछी, कुल्हाड़ी के साथ सेक्टर 13 मोड़ मुख्य चौक पर बैठे थे। पुलिस ने उन पर कोई कार्रवाई नहीं की। यह बहुत घातक साबित हो सकती थी। जाट धर्मशाला सभा के प्रतिनिधिमंडल ने भी आयोग सचिव से मुलाकात रख अपनी दलील दी। यहां नाम से शिकायत दिए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने की भी बात आई। करीब 35 लोगों ने ग्रुपों व अकेले सचिव से मुलाकात कर अपनी बात रखी। इस मौके पर उपायुक्त पंकज, पुलिस अधीक्षक प्रतीक्षा गोदारा, आयोग के उप पुलिस अधीक्षक जगदीश राय, एसडीएम सतपाल सिंह, नगराधीश महेश कुमार, तहसीलदार संजय बिश्रोई आदि मौजूद रहे।

पुलिस अधिकारी ने कहे अपशब्द, नहीं की कार्रवाई
बांस, सांवड, झिंझर, रणकौली, सांकरोड़, भागेश्वरी आदि गांवों की ग्राम पंचायत, सरपंच भी आयोग सचिव से मिलने पहुंचे। प्रतिनिधियों ने बताया कि 23 फरवरी को लूटपाट व डकैती हुई। घर में घुसकर मारपीट की गई।  इसकी शिकायत अचीना ताल चौकी में दी गई। करीब 15 दिन बाद भी कार्रवाई नहीं होने पर चौकी गए तो वहां मौजूद पुलिस अधिकारी ने उन्हें अपशब्द व जातिसूचक शब्द कहे। प्रतिनिधियों ने उक्त पुलिस अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार, अपशब्द, जातिसूचक शब्द कहने की कार्रवाई की मांग की। इस मौके पर विनोद सरपंच बास, रामरत्न, अनीता, रामअवतार, शशिबाला, रिंपी रानी आदि मौजूद रहे।
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जाट और गैर जाट जाट दोनों को है नुकसान
निरीक्षण करने के बाद मानव अधिकार आयोग के सचिव रमेश कृष्ण ने बताया कि निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि जाट और गैर जाट दोनों को नुकसान है। मगर अन्य जिलों की तुलना भिवानी सुरक्षित रहा। यहां ज्यादा नुकसान नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि आयोग की सात-आठ टीमें प्रदेशभर में अलग-अलग जिलों का निरीक्षण कर रिपोर्ट ले रही है और कंपाइल रिपोर्ट तैयार की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की भूमिका आंदोलन में सहीं नहीं रही, उनकी रिपोर्ट भी भेजी जाएगी और उनके खिलाफ कार्रवाई भी होगी। आज उनके समक्ष दलील रखने वालों ने प्रशासन की लापरवाही बताई है तो कुछ ने अच्छी भूमिका भी बताई है। अभी जांच की जाएगी।

तोशाम भी पहुंचे मानवाधिकार आयोग सचिव
तोशाम। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान उपद्रवियों द्वारा मानवाधिकार हनन की जांच के लिए हरियाणा मानवाधिकार आयोग के सचिव रमेश कृष्ण तोशाम भी पहुंचे। सचिव ने चौ. सुरेंद्र सिंह चौक के समीप सरपंच देवराज गोयल की मोटरसाइकिल एजेंसी व मार्केट कमेटी कार्यालय आदि का दौरा कर नुकसान का जायजा लिया। लोगों ने आयोग के सचिव के समक्ष आंदोलन के दौरान कोई ठोस कदम न उठाए जाने की शिकायत की और कहा कि यदि समय रहते सख्त कदम उठाए जाते आगजनी व तोड़फोड़ की घटनाओं को रोका जा सकता था। आयोग के समक्ष नागरिकों ने जमकर अपने भड़ास निकाली और अपना रोष प्रकट किया। इस दौरान एसडीएम भिवानी सतपाल सिंह व नायब तहसीलदार नरेंद्र ग्रेवाल, थाना प्रभारी रवींद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
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