भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और जजपा नेता दुष्यंत चौटाला।
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लोकसभा चुनावों में उम्मीदवारों के मैदान में उतारने के साथ ही माहौल गर्माता जा रहा है। भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा क्षेत्र से भाजपा के बाद अब जजपा ने भी अपना उम्मीदवार उतार दिया है। इसके बाद कांग्रेस पर अब निगाहें टिकी हैं, क्योंकि कांग्रेस ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं।
जजपा ने अपने उम्मीदवार के जरिए जाट के साथ अहीर समाज के मतदाताओं को भी साधने का प्रयास किया है। हालांकि भिवानी-महेंद्रगढ़ लोकसभा सीट पर डॉ. अजय सिंह चौटाला ने वर्ष 1999 में यहां से इनेलो के टिकट पर जीत दर्ज की थी। डॉ. अजय ने तब कांग्रेस प्रत्याशी रहे वर्तमान भाजपा सांसद धर्मबीर सिंह को 2,03,406 मतों से करारी शिकस्त दी थी।
डॉ. अजय शुरुआत से ही भिवानी को अपनी कर्मभूमि बताते रहे हैं पहले उनके बेटे दिग्विजय सिंह चौटाला को यहां से मैदान में उतारने की तैयारी थी, मगर भाजपा के उम्मीदवार धर्मबीर सिंह की घोषणा के बाद जजपा ने राव बहादुर सिंह काे यहां से प्रत्याशी बनाया है। इससे अब कांग्रेस और इनेलो प्रत्याशी पर सबकी निगाहें टिकी हैं।
वहीं, इनेलो और कांग्रेस में भी अभी उधेड़बुन चल रही है, क्योंकि उनके लिए यहां जातीय समीकरण साधना भी बहुत जरूरी है। यहां जातीय आधार पार्टी से अधिक मायने रखते हैं। कांग्रेस की ओर से पूर्व सांसद श्रुति चौधरी और राव दान सिंह के नामों की चर्चा है।