भिवानी। गांव बापोड़ा का सरकारी स्कूल, खेल मैदान और बस्ती तरणताल में बदल गए हैं। यहां के हालात इतने बदहाल है कि घरों के अंदर पानी घुस गया है। इसकी वजह से अनुसूचित वर्ग की बस्ती के करीब ढाई सौ घर भी जलभराव से घिर चुके हैं।
इनमें घरों के अंदर पानी घुसने से कई परिवार तो यहां से पलायन कर दूसरी जगह आसरा लेने पर भी मजबूर हैं। वहीं गांव बापोड़ा के सरकारी स्कूल परिसर में पानी जमा होने से बच्चों की कक्षाएं भी अब दूसरे स्कूल में लग रही हैं। खेल के मैदान में भी करीब ढाई फीट पानी जमा है।
इसकी वजह से गांव की खेल प्रतिभाएं भी शहर में भीम स्टेडियम में आकर सुबह शाम खेल अभ्यास करने पर मजबूर हैं। ग्राम पंचायत के अनुरोध के बाद भी बिजली निगम बरसाती पानी निकासी के लिए नया कनेक्शन देने को तैयार नहीं है। यही वजह है कि सिंचाई विभाग के पंपिंग मशीनें भी यहां खामोशी से पड़ी हैं।
गांव बापोड़ा में भिवानी तोशाम मुख्य मार्ग काफी ऊंचा उठाया जा चुका है। इसकी वजह से सड़क के एक छोर पर अनुसूचित जाति वर्ग की बस्ती बसी है। वहीं गांव का प्राथमिक स्कूल भी बना है। यहीं पर युवा प्रतिभाओं के लिए खेल मैदान बना है। इसी के पास जोहड़ है। इसके अंदर गांव की बस्ती का गंदा पानी भी पहुंच रहा है।
पिछले करीब ढाई माह से बारिश के बाद ये जोहड़ अपने किनारे लांघ चुका है। इसका पानी पास में खेल मैदान और फिर प्राथमिक पाठशाला के भवन परिसर को भी जलभराव के आगोश में ले लिया है। सिंचाई विभाग ने गांव से बरसाती पानी की निकासी के लिए पंपिंग सेट मुहैया कराए थे, लेकिन इन्हें चलाने के लिए ग्राम पंचायत को बिजली निगम ने कनेक्शन नहीं दिया है।
ग्राम पंचायत भी डीसी दरबार से लेकर निगम अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं। सबसे अहम अब अनुसूचित बस्ती के घरों में भी बारिश व जोहड़ का गंदा पानी घुस गया है। मजबूरीवश गांव के लोग अपना सामान समेट यहां से पलायन पर मजबूर हैं।
जोहड़ के आसपास घर अब करने पड़ेंगे खाली
गांव बापोड़ा में अनुसूचित बस्ती की तरफ जोहड़ ओवरफ्लो होने से पानी का रुख घरों की तरफ का चुका है। इसकी वजह से जोहड़ के आसपास के घर अब खाली करने पड़ेंगे। जबकि कुछ लोगों ने तो अपना सामान दूसरी तरह शिफ्ट कर लिया है। बारिश के पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। ग्राम पंचायत से लेकर उपायुक्त तक ग्रामीण गुहार लगा चुके हैं। हर बार यहां बारिश के पानी से जलभराव के हालात बनते हैं। पानी निकासी की यहां स्थायी व्यवस्था नहीं है।
-मुकुल ग्राम वासी
पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं
जोहड़ का पानी और बारिश का पानी खेल मैदान में आ डटा है। वहीं बारिश का पानी अब सड़क की दूसरी तरफ घनी आबादी में भी पहुंच रहा है। इससे जहरीले जीवों का खतरा भी बना है। पानी के अंदर काफी जहरीले जीव निकलकर घरों के अंदर घुस रहे हैं। वहीं मच्छरों और बीमारियों के संक्रमण का भी खतरा बना है। पानी निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। ढाई माह से बारिश के पानी से जलभराव बना है। अब पानी सड़ने लगा है।
- प्रवीण शर्मा ग्राम वासी
ग्राम पंचायत की तरफ से बिजली निगम अधिकारियों से लेकर उपायुक्त तक बारिश के पानी की निकासी कराने की गुहार लगा चुके हैं। बिजली निगम से अब तक कनेक्शन नहीं हुआ है। सिंचाई विभाग ने पंपिंग सामग्री और मोटर मुहैया करा दी है, बिना बिजली इसका संचालन भी नहीं हो पा रहा है। गांव की बस्ती, खेल मैदान और सरकारी स्कूल परिसर में बारिश का पानी पिछले ढाई माह से जमा है। निकासी नहीं हो पा रही है।
- सुर्गिव, सरपंच, गांव बापोड़ा।
गांव बापोड़ा की ग्राम पंचायत की तरफ से बाढ़ नियंत्रण प्रबंधों के तहत बरसाती पानी निकासी के लिए बिजली कनेक्शन का आवेदन आया हुआ है। लेकिन हम सीधे ग्राम पंचायत को बिजली कनेक्शन जारी नहीं कर सकते हैं। इसके लिए उपायुक्त से मंजूरी लेना अनिवार्य है। बाढ़ नियंत्रण प्रबंधों के तहत नोडल अधिकारी उपायुक्त हैं, उनकी अनुमति के बाद ही बिजली का नया कनेक्शन ग्राम पंचायत को जारी किया जाएगा।
- महेश, एसडीओ, तोशाम सब डिविजन, दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम।