भिवानी/ बवानीखेड़ा/ तोशाम/ लोहारू। भिवानी जिले की चार विधानसभा क्षेत्रों में सोमवार को 13 प्रत्याशियों ने अपने नामांकन वापस ले लिए। इसके बाद चुनावी मैदान के दंगल में 56 प्रत्याशी एक-दूसरे के आमने सामने डटकर खड़े हो गए हैं।
बवानीखेड़ा से दिग्गज नेता पूर्व विधायक रामकिशन फौजी ने अपना नामांकन वापस लेते हुए कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप नरवाल को अपना समर्थन दिया है। पूर्व विधायक रामकिशन फौजी ने कांग्रेस से भी नामांकन किया था, लेकिन टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में उतर गए थे। लेकिन अब फिर हाथ के साथ हो गए हैं।
सोमवार को भिवानी विधानसभा से पांच, तोशाम से चार, बवानीखेड़ा और लोहारू से दो-दो प्रत्याशियों ने अपना नामांकन वापस लिया है। इसी के साथ चुनावी मैदान में डटे प्रत्याशियों को चुनावी चिह्न भी अलॉट कर दिया है। राष्ट्रीय दलों को छोड़कर निर्दलीय प्रत्याशियों में किसी को टेलीविजन, तो किसी को कांच का गिलास निशान मिला है। इसी तरह मेज मिला है तो किसी केतली का निशान मिला है। किसी को गैस सिलिंडर तो किसी को नारियल का निशान मिला है।
भिवानी विधानसभा क्षेत्र से चुनावी मैदान में कुल 33 उम्मीदवार थे, जांच के दौरान 10 रिजेक्ट हुए हैं, इनमें से पांच ने अपना नामांकन वापिस ले लिया है। इसी प्रकार से बवानीखेड़ा विधानसभा क्षेत्र क्षेत्र से चुनावी मैदान में कुल 19 उम्मीदवार थे, जांच के दौरान सात रिजेक्ट हुए है। इनमें से दो ने अपना नामांकन वापिस ले लिया है। इसी तरह लोहारू विधानसभा क्षेत्र से जांच प्रक्रिया के बाद 15 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे।सोमवार को नामांकन वापिस लेने के दिन दो उम्मीदवारों ने अपना नामांकन वापिस ले लिया। जिसके बाद चुनाव मैदान में 13 उम्मीदवार मैदान में रह गए।
तोशाम में अब हो त्रिकोणीय मुकाबला
नामांकन वापसी के बाद अगर तोशाम विधानसभा क्षेत्र की बात की जाए तो यहां अब भी त्रिकोणीय मुकाबला ही बना रहेगा। क्योंकि कांग्रेस बनाम भाजपा के अलावा निर्दलीय प्रत्याशी शशिरंजन परमार के बीच यहां सीधी टक्कर रहेगी। शशीरंजन परमार भाजपा में तोशाम से टिकट नहीं मिलने के बाद यहां से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में हैं। पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल के गढ़ में तीसरी पीढ़ी भाजपा से श्रुति चौधरी और कांग्रेस से अनिरुद्ध चौधरी पहले ही आमने सामने हैं।
भिवानी लोहारू में होगी आमने-सामने की टक्कर
भिवानी विधानसभा क्षेत्र में भी चुनावी माहौल ज्यादा गर्म नहीं है, क्योंकि यहां कांग्रेस-सीपीएम का साझा उम्मीदवार है जबकि भाजपा से पूर्व विधायक घनश्याम सर्राफ ही मैदान में हैं। यहां अन्य दलों के प्रत्याशी भी भाजपा उम्मीदवार को कड़ी टक्कर देंगे। लोहारू विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधा मुकाबला रहेगा। यहां निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर कोई दिग्गज नेता चुनावी मैदान में नहीं है।
फौजी के साथ मिलने से नरवाल को मिलेगी मजबूती
बवानीखेड़ा में कांग्रेस प्रत्याशी प्रदीप नरवाल के साथ पूर्व विधायक रामकिशन फौजी आने के बाद यहां उम्मीदवार को काफी मजबूती मिली है। क्योंकि रामकिशन फौजी यहां से पहले भी विधायक रह चुके हैं और कांग्रेस से जुड़े रहे हैं। यहां पर भी भाजपा और कांग्रेस का ही सीधा मुकाबला बना रहेगा।