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Bhiwani News: रात को साथ बैठकर खाया खाना, सिर में कराई मालिश, फिर कर डाला रिश्तों का कत्ल

Mon, 23 Sep 2024 10:34 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, भिवानी
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​भिवानी में बिक्रम की हत्या मामले में कार्रवाई करते पुलिस अ​धिकारी।
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संजय वर्मा
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भिवानी। रविवार रात को साथ बैठकर चाचा-भतीजा ने खाना खाया और फिर चाचा ने अपने सिर में भतीजे से मालिश भी कराई, फिर अचानक ऐसा जूनुन सवार हुआ कि उसी भतीजे के सिर में लाठी मारकर उसकी हत्या कर डाली। मामला भिवानी जिले के गांव झरवाई का है। जहां सगे चाचा ने रिश्तों का कत्ल कर डाला।
गांव झरवाई में रविवार रात को आठवीं कक्षा के छात्र 13 वर्षीय बिक्रम की सिर में लाठी मारकर हत्या कर दी गई। हत्या का आरोप उसी के सगे चाचा 25 वर्षीय सोनू पर लगा है। सोनू ने खुद पुलिस को वारदात के बाद फोन किया और मौके पर पहुंची पुलिस के सामने ही भतीजे की हत्या की वारदात को कबूला।
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गांव झरवाई निवासी बलवान ने बताया कि वह गांव में ही ऊंट रेहड़ी से मेहनत मजदूरी का काम करता है। वे तीन भाई हैं। बड़ा वह और उससे छोटा जयसिंह है। सबसे छोटा सोनू है। वह अपने दो लड़के बिक्रम और रमन के साथ अलग रहता है जबकि उसका दूसरा भाई जयसिंह लुधियाना में रहता है। बिक्रम आठवीं कक्षा में पढ़ता था। जयसिंह वहीं कंपनी में काम करता है। जबकि सोनू भी लुधियाना में ही रहता था।
वारदात से पांच-छह दिन पहले वह गांव में यहां आया था। सोनू अपनी मां नीम्बो के साथ अलग रहता था। करीब एक साल पहले ही दादा की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही दूसरे घर में अकेली रहने वाली दादी के पास बिक्रम रात को सोने जाता था। वारदात के दिन भी बिक्रम अपनी दादी के घर सोने गया था, जहां पर उसका चाचा सोनू भी मौजूद था। सभी ने साथ बैठकर खाना खाया और फिर रात को सोने से पहले सोनू ने भतीजे बिक्रम से अपने सिर में तेल से मालिश भी कराई।
आधी रात को अचानक ही सोनू के सिर पर जुनून सवार हुआ कि उसने लाठी से पहले बिक्रम के सिर में वार कर दिया और लाठी टूट गई तो नुकीले हिस्से से ही पांच से छह बार घोंप डाला। चारपाई पर सो रहा बिक्रम उफ तक नहीं कर पाया और हमेशा की नींद सो गया। पास में सो रही दादी नीम्बो भी पोते की हत्या की जरा सी भी आहट नहीं सुन पाई। सुबह चार बजे जब नीम्बो की नींद खुली तो चारपाई पर खून से लथपथ पोता बिक्रम पड़ा था। इसके बाद सोनू ने खुद ही पुलिस के पास फोन मिलाया और वारदात की जानकारी दी।

करीब पांच माह पहले पिलानी से नाबालिग लड़की को भगा ले गया था सोनू
भतीजे की हत्या का आरोपी चाचा सोनू करीब पांच माह पहले पिलानी से एक नाबालिग लड़की को भगाकर लुधियाना ले गया था। इस मामले में सोनू को जेल भी जाना पड़ा था। जेल से बाहर आने के बाद वह लुधियाना में ही चला गया था। लेकिन बाद में उसी लड़की से उसने लव मैरिज कर ली थी। लव मैरिज के बाद भी उसकी जिंदगी में मुश्किलें कम नहीं हुईं। इसके बाद ससुराल वालों ने उसकी पिटाई कर डाली और उसकी पत्नी भी मायके चली गई। उसे ससुराल वालों से हमेशा भय बना रहता था। सोनू अपने भाई बलवान से भी प्लाॅट को लेकर रंजिश रखने लगा था, लेकिन गांव के मौजिज लोगों ने उसे समझा दिया था।


गेट खोलने के चक्कर में गंवा दी बिक्रम ने अपनी जान
हत्या का कबूलनामा करने के बाद आरोपी सोनू ने ग्रामीणों को बताया कि उसकी ससुराल वाले उसकी जान के पीछे पड़े हैं। उसे हमेशा उनके आने का भय बना रहता था। हर दूसरे दिन कोई न कोई उसे यहां तलाशता हुआ आ जाता था। रात को भी जब उसके घर का दरवाजा कोई खटखटा रहा था तो बिक्रम दरवाजा खोलने जा रहा था। उसने उसे मना किया था। उसे भय था कि उसकी सुसराल वाले उसकी जान लेने फिर से यहां आ गए हैं। इसी चक्कर में सोनू ने विक्रम पर तैश में आकर लाठी से वार कर उसे हमेशा के लिए मौत की नींद सुला दिया। चाचा की विकृत मानसिकता की वजह से किशोर बिक्रम जान गंवा बैठा।

बिक्रम के पिता तीन भाई और पांच बहनें
बिक्रम के पिता बलवान तीन भाई और पांच बहनें हैं। इसमें बलवान बड़ा और छोटा जयसिंह और सबसे छोटा सोनू है। उनकी सभी बहनें शादीशुदा हैं। पिता की मौत एक साल पहले हुई थी। उसके बाद मां नीम्बो छोटे बेटे सोनू के साथ गांव में अलग मकान में रहती थी। जबकि बलवान अपने दो बच्चों के साथ अलग रहता था। बिक्रम का छोटा भाई सात साल का रमन है जो दूसरी कक्षा में पढ़ता है।
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मासूम की हत्या से ग्रामीणों में गुस्सा, हत्या आरोपी का बंद हो गया घर
गांव झरवाई में किशोर की निर्मम हत्या से गांव का हर शख्स का दिल दहल उठा है। वारदात के बाद ग्रामीणों में काफी गुस्सा है। इसी को लेकर हत्या आरोपी के मकान पर भी ग्रामीणों ने ताला जड़ दिया और उसे कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। दरअसल, सोनू का बड़ा भाई जयसिंह पहले से ही गांव में पैतृक मकान को बंद कर लुधियाना में रह रहा है। उसकी पत्नी भी लुधियाना की रहने वाली है। जबकि पिता बलवान के घर भी मातम पसरा है। एक वारदात से पूरा परिवार बिखर चुका है।
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