कैरू। बदलते मौसम के साथ ही आंखों में संक्रमण से बीमार होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ गई है। क्षेत्र से रोजाना 20 से 25 आई फ्लू के मरीज कैरू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंच रहे हैं। कैरू गांव की सीएचसी के अंतर्गत करीब 25 के मरीजों का मुख्य स्वास्थ्य केंद्र है। लेकिन यहां पर नेत्र विशेषज्ञ का पद खाली है।
एक सप्ताह में तीन दिन सहायक नेत्र चिकित्सक आते हैं। वहां पर उसकी तैनाती तीन दिन के लिए डेपुटेशन पर लगाई गई है। हाल ही में चल रही आई फ्लू का संक्रमण अधिक बढ़ता जा रहा है। मरीजों को इलाज के लिए भटकना पड़ रहा है। आई फ्लू से पीड़ितों को भिवानी या तोशाम शहरों के निजी अस्पताल या झोलाछापों से अपना इलाज करवा रहे हैं।स्वास्थ्य केंद्र में आई ड्राप भी नहीं है। ऐसे में आई फ्लू के शिकारियों को निजी अस्पताल से दवाई खरीदनी पड़ रही।
हर गांव में हैं आई फ्लू के मरीज
क्षेत्र के सरपंच सुंदरपाल, लाला पहलवान, भवानी सिंह, कोच मातूराम पायल, छोटूराम पूनिया, पूर्व सरपंच सतबीर चंदाबास, मोहन लाल जांगड़ा, विकास लेघां, पंकज देवराला ने बताया कि प्रत्येक गांव में आई फ्लू के मरीज हैं। उनको निजी अस्पताल या मेडिकल स्टोर से आई ड्राप खरीदनी पड़ रही है। कैरू सीएचसी में स्थायी नेत्र चिकित्सक नहीं होने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
चिकित्सक ने दी सलाह
कैरू सीएचसी के चिकित्सा अधिकारी डा. दिनेश मालवाल ने बताया कि उमस भरे मौसम में बैक्टीरिया के विषाणु आंखों के संपर्क में आकर इंफेक्शन कर देते हैं। इससे प्रदूषण के कारण भी इंफेक्शन बढ़ता है। इसलिए दूसरों के संपर्क में आने से बचने की जरूरत है। साथ ही चश्मा जरूर लगाएं। साबुन और पानी से बार-बार हाथ धोएं। प्रभावित आंख पर आइस पैक का प्रयोग करें। घरों से निकलने पर काला चश्मा का प्रयोग करें। आंख को बार-बार ना छुए। साफ रुमाल, तोलिया, कपड़ा व बिस्तर का ही प्रयोग करें।