फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खाद की किल्लत को लेकर गुस्साएं किसानों ने लगाया जाम

विज्ञापन
विज्ञापन
खाद की किल्लत को लेकर गुस्साएं किसानों ने लगाया जाम
विज्ञापन

बवानीखेड़ा (भिवानी)। डीएपी की कमी को लेकर मंगलवार को किसानों ने कस्बे के नागरिक अस्पताल के सामने हांसी-भिवानी रोड पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलते ही थाना प्रभारी हरिओम मौके पर पहुंचे और किसानों की समस्या का हल अधिकारियों से मिलकर करवाने की बात कही, तब जाकर किसानों ने जाम खोला। जाम करीब 40 मिनट तक रहा।
विज्ञापन

जाम लगते ही सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई। मंगलवार को बलवान दुर्जनपुर, उमेद, पवन, श्रीपाल, पांडू जोगी, राकेश बलियाली सहित सैकड़ों किसान सरकार व प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नागरिक अस्पताल के सामने एकत्रित हुए और वाहनों को सड़क पर अड़ाकर हांसी-भिवानी रोड को अवरुद्ध कर दिया। किसानों ने बताया कि वे पिछले 15 दिन से खाद के लिए लाइनों में लगते हैं, परंतु सरकारी कर्मचारी खाद नहीं होने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि कर्मचारी अपने जानकारों को आगे-पीछे खाद दे देते हैं। उन्होंने बताया कि खाद न मिलने के कारण उनको सरसों की बिजाई तो बिना डीएपी डाले करनी पड़ी। हालात यह हो गए हैं कि अब उन्हें लगता है कि गेहूं की बिजाई भी बिना खाद के ही करनी पड़ेगी। किसानों ने बताया कि खेतों में अब काम की मारामारी है। ऐसे में वह 15 दिन से खाद के लिए लाइनों में लगे रहते हैं, जिस कारण से उनका खेती का काम भी प्रभावित हो रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि जब प्राइवेट दुकानों पर खाद उपलब्ध है तो सरकारी बिक्री केंद्र पर क्यों नहीं? उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मुनाफाखोर सरकारी एजेंसियों से सांठगांठ कर खाद की कालाबाजारी कर रहे हैं। सरकार की तरफ से इन पर कोई अंकुश नहीं लगाया जा रहा। गुस्साए किसानों ने बिक्री केंद्र पर सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। सूचना पाकर थाना प्रभारी हरिओम मौके पर पहुंचे और किसानों की समस्या का समाधान कोऑपरेटिव सोसायटी के खाद बिक्री केंद्र पर पहुंचकर अधिकारियों से मिलकर करवाने की बात कही। उसके बाद थाना प्रभारी अनाज मंडी स्थित कोऑपरेटिव सोसाइटी के खाद बिक्री केंद्र पर पहुंचे और वहां मौजूद कर्मचारियों से खाद वितरण को लेकर बातचीत की। कोऑपरेटिव सोसायटी के कर्मचारियों ने बताया कि शाम तक खाद का एक रैक आना संभावित है। रैक के आते ही खाद का वितरण करवा दिया जाएगा। कर्मचारियों के आश्वस्त करने के बाद ही किसानों का गुस्सा शांत हुआ और वे जाम खोलने को राजी हुए। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें