पत्रकार वार्ता को संबोधित करते कृषि मंत्री जेपी दलाल। संवाद
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भिवानी (ब्यूरो)। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने शनिवार दोपहर बाद करीब ढाई बजे भिवानी रेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस कान्फ्रेंस में आंदोलन के दौरान मरने वाले किसानों के प्रति विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि ये घर में होते तो भी मरते। जो आज घर में हैं, वे नहीं मर रहे क्या। कोई हार्ट अटैक से मरा है तो कोई बीमारी से। साल में औसत मौत के अनुसार ही मरे हैं। देश में कोई भी मरता है तो उसके प्रति मेरी पूरी-पूरी संवेदनाएं हैं।
छह घंटे बाद एक और वीडियो वायरल कर बोले...
सोशल मीडिया पर मेरे बयान को तोड़-मरोड़कर चलाया गया
प्रेस कान्फ्रेंस के विवादित बयान के बाद रात करीब साढ़े आठ बजे करीब कृषि मंत्री जेपी दलाल ने एक और विडियो वायरल किया। इसमें उन्होंने बताया कि प्रेस कान्फ्रेंस में चर्चा के दौरान मृत किसानों के प्रति संवेदना प्रकट करता हूं। आकस्मिक मौत किसी की भी हो, कष्ट होता है। जहां तक शहीद का दर्जा देने की बात थी, शहीद का दर्जा हमारी सेना के जवानों को ही मिलता है। सोशल मीडिया पर मेरे बयान का गलत अर्थ निकाला गया है और तोड़-मरोड़कर चलाया गया है।