दशहरा पर्व के लिए रावण के पुतले को तैयार करते कारीगर।
भिवानी। विजय दशमी पर्व पर हनुमान ढाणी स्थित हनुमान जोहड़ी मंदिर के मेला मैदान में 51 फुट रावण व 45 फुट के मेघनाद व कुंभकरण के पुतले का दहन किया जाएगा। कार्यक्रम में सान्निध्य महंत बालयोगी चरणदास महाराज का रहेगा।
पुजारी ध्यानदास महाराज ने बताया कि दहन के लिए रावण, कुंभकरण व मेघनाद के पुतले का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। ये पुतले चंद्रभान वर्मा की ओर से अपने सहयोगियों की मदद से बनाए जा रहे हैं। चंद्रभान वर्मा के पिता स्व. हीरालाल व उनके दादा स्व. सादीलाल भी यही काम करते थे। यह चंद्रभान की तीसरी पीढ़ी है जो रावण, कुंभकरण व मेघनाथ के पुतले बनाने का काम कर रही है।
पुजारी ध्यानदास महाराज ने कहा कि रावण दहन का उद्देश्य बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। दूसरी तरफ हनुमान जोहड़ी मंदिर के महंत बालयोगी चरणदास महाराज भी देश की सुख, शांति एवं समृद्धि के लिए मौन व्रत व नवरात्र की विशेष साधना में बैठे हैं, जो दशहरे पर ही संपन्न होगी।