अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
एचएसआईआईडीसी के चीफ कोऑर्डिनेटर सुनील शर्मा ने कहा कि खानक पहाड़ में 30 सितंबर तक पूर्ण रूप से खनन कार्य शुरू हो जाएगा। खनन कार्य शुरू होने से यहां प्रत्यक्ष और प्रत्यक्ष रूप से 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। सरकार का प्रयास है कि लोगों को सस्ती दरों पर पत्थर मुहैया हो। इसके लिए पत्थर का रेट 295 रुपये प्रति टन से घटाकर 275 रुपये प्रति टन किया गया है। जिला उपायुक्त अंशज सिंह ने पत्थर चोरी रोकने के लिए पुख्ता इंतजामों का दावा किया है।
बया पर्यटन केंद्र में प्रेस कांफ्रेंस में जिला उपायुक्त और एचएसआईडीसी के चीफ कोऑर्डिनेटर ने संयुक्त रूप से खानक में खनन कार्य के बारे में बताया। चीफ कोऑर्डिनेटर ने बताया कि पहाड़ के दूसरे हिस्से का टेंडर 10-15 दिन में कर दिया जाएगा। इसकी सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। फिलहाल लगभग 400 ट्रक पत्थर के निकल रहे हैं, आने वाले 15 दिन के बाद एक हजार ट्रक प्रतिदिन निकलने शुरू हो जाएंगे।
उपायुक्त ने बताया कि पत्थर चोरी रोकने के लिए भी प्रशासन जरूरी जगहों पर नाके लगाएगा। इसके लिए विशेषरूप से टीमों का गठन किया जाएगा। पत्थर चोरी रोकने के लिए पहाड़ के चारों ओर तारबंदी और खाई खुदवाई गई है। श्री शर्मा ने बताया कि प्रदेश के इतिहास में पहली बार खानक में पारदर्शी तरीके से खनन कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देशानुसार लोगों को सस्ती दरों पर पत्थर पर उपलब्ध करवाने के लिए 295 रुपये की बजाय 275 रुपए प्रतिटन रेट निर्धारित किए हैं और इसके लिए प्रोजेक्ट मैनेजर राजकुमार जिंदल के नेतृत्व में टीम का गठन किया है। उन्होंने बताया कि सरकार को यहां से 62.50 रुपये प्रतिटन के हिसाब से रायल्टी दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि पारदर्शिता के लिए इलेक्ट्रिक कांटों पर कोई कार्य कागज या पर्ची सिस्टम से नहीं होगा। सारा कार्य पेपरलेस होगा। इस मौके पर तोशाम के एसडीएम अजय चोपड़ा के अलावा खनन, पोल्यूशन कंट्रोल बोर्ड और एचएसआईआईडीसी विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
हर साल निकाला जाएगा दो करोड़ टन पत्थर
एचएसआईडीसी के चीफ कॉर्डिनेटर ने बताया कि विभाग द्वारा दी गई रिपोर्ट के अनुसार खानक से 24 करोड़ मीट्रिक टन पत्थर निकाला जा सकता है। विभाग की इससे पूर्व साल में एक करोड़ टन पत्थर निकालने की योजना थी, जिसे अब बढ़ाकर दो करोड़ टन सालाना किया जाएगा। इसके लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है।