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एक्शन मोड में आया स्वास्थ्य विभाग

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अमर उजाला ब्यूरो
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भिवानी। 12 दिन से काम छोड़ हड़ताल कर रहे बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारियों के खिलाफ अब स्वास्थ्य विभाग ऐक्शन मोड में आ गया है। हड़ताल में शामिल 25 अनुबंधित स्वास्थ्य कर्मचारियों को टर्मिनेट कर दिया गया है, वहीं बाकी को भी टर्मिनेट करने की तैयारी चल रही है। वहीं नियमित कर्मचारियों पर कार्रवाई करते हुए 11 के खिलाफ एस्मा के तहत केस दर्ज करवाए गए है। पुलिस ने भी नामजद कर्मचारियों की गिरफ्तारी के लिए घरों में छापेमारी की मगर किसी भी कर्मचारी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी विभिन्न मांगों और समस्याओं को लेकर पिछली 27 अगस्त से काम छोड़ हड़ताल पर है। इनमें 373 नियमित और 187 अनुबंध आधार पर लगे स्वास्थ्य कर्मचारी शामिल है। 560 कर्मचारियों में से अधिकतर हड़ताल पर चल रहे है। विभाग की ओर से अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों को 24 घंटे में ज्वाइन नहीं करने पर टर्मिनेट करने और नियमित कर्मचारियों को 12 घंटे में ज्वाइन नहीं करने पर एस्मा के तहत कार्रवाई करने के आदेश जारी किए थे। आदेशों के बाद भी हड़ताल करने वाले कर्मचारियों ने ज्वाइन नहीं किया। इसी दौरान सरकार की ओर से एस्मा लगा दी गई। इसके बावजूद भी कर्मचारी काम छोड़ हड़ताल पर रहे। तीन दिन पहले हड़ताल करने स्वास्थ्य विभाग के पार्क में धरना देने वाले कर्मचारियों को अस्पताल परिसर से हटा दिया गया था। जिसके बाद से कर्मचारी नेहरू पार्क में धरना दे रहे है। दो दिन से पांच कर्मचारियों ने मुंडन करवाकर रोष जताया।
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12 दिन बाद भी हड़ताल खत्म नहीं करने पर अब स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। हड़ताल में शामिल अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों में 25 कर्मचारियों को टर्मिनेट कर दिया गया है। इसके अलावा सात दिन या इससे ज्यादा लगातार अनुपस्थिति रहने वाले अनुबंध आधार पर लगे कर्मचारियों ने एनएचएम के नियमानुसार टर्मिनेट करने की कार्रवाई चल रही है। जल्द ही बाकी कर्मचारियों को भी टर्मिनेट किया जा सकता है। एस्मा के बावजूद हड़ताल करने वाले नियमित कर्मचारियों में 11 के खिलाफ सिविल सर्जन की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। इन पर सरकारी आदेशों की अवज्ञा करने का आरोप है।
इन पर दर्ज हुए केस
सिविल सर्जन की शिकायत पर जिला मलेरिया अधिकारी रविश कुमार, अर्बन मलेरिया स्कीम के तहत कार्यरत कुलदीप, धनाना सीएचसी में कार्यरत संदीप कुमार, पुर में कार्यरत राजेश कुमार, तोशाम में कार्यरत नवीन कुमार, भारत नगर में कार्यरत महिला कर्मचारी सुनील और उर्मिल, ढाणा रोड सीएचसी में कार्यरत प्रवीन कुमार, सेवा नगर में कार्यरत महिला कर्मचारी मंजू देवी, हेतमपुरा सब सेंटर में कार्यरत शकुंतला देवी और बड़दू सीएचसी में कार्यरत सिलोचना देवी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
चार बजे तक चला धरना, कर्मचारी गए तो शुरू हुई छापेमारी
हड़ताल कर रहे बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी सुबह नौ से शाम चार बजे तक नेहरू पार्क में धरना दे रहे है। शुक्रवार को भी धरना चला। इसमें 11 वे कर्मचारी भी शामिल है, जिन पर केस दर्ज है। धरना चार बजे तक चला। पुलिस ने धरने कजे दौरान ओपन में रहे आरोपी कर्मचारियों को गिरफ्तार नहीं किया मगर घर जाने के बाद छापेमारी की। समाचार लिखे जाने तक किसी भी कर्मचारी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। एसोसिएशन के पदाधिकारी नवीन ने बताया कि 11 पर पुलिस केस दर्ज किए गए है। पुलिस इनमें काफी के घरों में भी गिरफ्तारी के लिए गई है।
जारी रहेगा अनिश्चितकालीन आंदोलन
बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन हरियाणा के आह्वान पर अपनी मांगों को लेकर कर्मचारी 12वे दिन भी अनिश्चितकालीन आंदोलन पर डटे रहे। धरने की अध्यक्षता नफे सिंह व सोनू राठी ने की और मंच संचालन जिला सचिव नवीन जांगड़ा ने किया। जिला प्रधान दादरी नफे सिंह व जिला प्रधान भिवानी सोनू राठी ने कहा कि सरकार बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारियों की जायज मांगों की अनदेखी कर रही है जिसको किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक हमारी मांगों की अधिसूचना जारी नहीं होती। राज्य कमेटी के महासचिव हरिनिवास और कुलदीप सिंह पूर्व प्रधान, सुलोचना, सुलक्षणा, कंचन, सुनीता, सविता, शकुंतला, राजबीर, पवन, अनिल, सुनील, निक्की, उर्मिला, रेखा, कमलेश, विकास, विनोद सिवाड़ा, गीता और राजेश आदि ने अपने विचार रखे। विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने एमपीएचडब्ल्यू कर्मचारियों को समर्थन दिया।
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वर्जन:::
हड़ताल करने वाले 25 अनुबंधित कर्मचारियों को टर्मिनेट किया गया है, बाकी की भी प्रक्रिया चल रही है। नियमित 11 कर्मचारियों के खिलाफ केस दर्ज करवाया गया है। अब पुलिस का काम है।
डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता, सिविल सर्जन
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