भिवानी। गेहूं की सरकारी खरीद एक अप्रैल से शुरू हो गई है। भिवानी में गेहूं की सरकारी खरीद को लेकर करीब 15 लाख कट्टों का बारदाना भी आ चुका है और 11 मंडियों में खरीद के इंतजाम भी हो चुके हैं। दूसरी ओर किसान अभी से सरकार को गेहूं देने से इनकार कर रहे हैं। इसकी वजह एमएसपी कम माना जा रहा है।
किसानों को मार्केट में अच्छा भाव मिलने की उम्मीद है। अभी किसान गेहूं की लावणी ही कर रहे हैं। फसल मंडी पहुंचने में भी एक पखवाड़ा और लग सकते हैं। पिछले साल के आंकड़ों के मुकाबले इस बार 35 फीसदी गेहूं का उत्पादन भी घटा है। इसकी वजह गेहूं के बजाय सरसों की अधिक बिजाई माना जा रहा है। वहीं सरकारी खरीद को लेकर कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। खरीद कर्मचारियों को जिला मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं है और नही खरीद के बीच कोई छुट्टी मिलेगी।
जिला मुख्यालय की मंडी सहित 11 मंडियों में गेहूं खरीद की तैयारी हो चुकी है। हालांकि अभी गेहूं मंडी पहुंचने में 10 से 15 दिन और लगेंगे। जिला मुख्यालय की मंडी में 80 लाइसेंसी आढ़ती भी गेहूं की खरीद में हिस्सेदारी निभाएंगे, लेकिन यह अभी तय नहीं है कि गेहूं सरकारी खरीद में जाएगा या फिर प्राइवेट खरीदारों के हाथ आएगा। गेहूं का फिलहाल का भाव 2085 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि सरकार ने 2015 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी निर्धारित किया है। गेहूं की सरकारी खरीद में मुख्यत: चार सरकारी एजेंसियां शामिल की गई हैं। इनमें खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हेफेड, वेयर हाउस, एफसीआई हैं। किसानों की सरसों भी खेत में ही बिक रही है। उसे मंडी लाने का झंझट भी नहीं उठाना पड़ा है। इसी तरह गेहूं का मार्केट भाव ज्यादा रहा तो खेत में फसल निकालने के दौरान ही उसकी बोली भी लग सकती है। इससे किसानों को न तो रजिस्ट्रेशन की चिंता होगी न कागजी कार्रवाई का कोई झंझट। बस हाथों हाथ दाम मिलेंगे।
दस लाख बारदाना और पहुंचेगा
जिले में गेहूं खरीद को लेकर करीब 15 लाख कट्टों का बारदाना आ चुका है। करीब 10 लाख कट्टों का बारदाना अभी और आएगा। यानी खरीद में बारदाने को लेकर कोई परेशानी नहीं आएगी।
इन मंडियों में ये कर्मचारी देंगे ड्यूटी
भिवानी मंडी में खाद निरीक्षक सुखबीर सिंह, उपनिरीक्षक सचिन, तोशाम मंडी में निरीक्षक पवन कुमार, उपनिरीक्षक मनजीत सिंह, लोहारू मंडी में निरीक्षक संदीप कुमार, निरीक्षक आजाद सिंह, बवानीखेड़ा मंडी में निरीक्षक संजय कुमार, निरीक्षक बिजेंद्र, चांग मंडी में निरीक्षक नवीन रोहिल्ला, उपनिरीक्षक राजकुमार, खरककलां मंडी में निरीक्षक अजय पंवार, उपनिरीक्षक रूपेश, सिवानी मंडी में निरीक्षक आजाद सिंह, बहल मंडी में निरीक्षक अनुराग, धनाना मंडी में लिपिक आनंद, ढिगावा मंडी में निरीक्षक अनुराग, जूई मंडी में लिपिक संदीप की ड्यूटी लगाई है।
किसान सरकार को बेचने के मूड़ में नहीं
मंडी में खरीद और बारदाने की व्यवस्थाएं भले ही कर दी गई हैं, लेकिन इस बार किसान गेहूं सरकार को देने के मूड़ में नहीं है। गेहूं का मार्केट भाव एमएसपी से ज्यादा है। सरसों पहले ही प्राइवेट बिक रही है। कम उत्पादन के बावजूद गेहूं खुली मार्केट में बिकेगा।
-राजेंद्र प्रसाद, प्रधान ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन भिवानी।
कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है
सभी मंडियों में कर्मचारियों की गेहूं खरीद के लिए ड्यूटी लगाई गई है। बारदाना भी आ चुका है। हमारी गेहूं खरीद की व्यवस्थाएं पूरी हैं। चार एजेंसियां अलगञअलग मंडियों में गेहूं की सरकारी खरीद करेंगी।
-मुकेश कुमार, एएफएसओ, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग।