भिवानी। जिले में डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया व स्वाइन फ्लू से लोगों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 141 स्वास्थ्य टीमों का गठन किया है। इन टीमों द्वारा उनके क्षेत्रों मेें बुखार-खांसी के लक्षणों वाले व्यक्तियों के सैंपल करवाए जाएंगे। यह अभियान सात दिन तक चलेगा। वहीं दूसरी ओर प्रत्येक रविवार को कोरोना महामारी से बचाव के लिए दूसरी डोज ही लगाई जाएगी।
सिविल सर्जन डॉ. रघुबीर शांडिल्य ने नागरिक अस्पताल में चिकित्सा अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने बताया कि विभाग के एसीएस राजीव अरोड़ा ने भी वीसी के माध्यम से मलेरिया एवं डेंगू की रोकथाम के लिए जरूरी ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। सिविल सर्जन ने बताया कि बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य वर्कर की टीमें बनाई गई हैं, जिसमें 22 टीमें शहरी क्षेत्र के लिए और 119 टीमें ग्रामीण क्षेत्र के लिए बनाई गई हैं। उन्होंने बताया कि ये टीमें सात दिन में अपने इलाकों में काम पूरा करेंगी। जरूरत के अनुरूप मच्छर मारने की दवा का छिड़काव करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यदि किसी स्थान पर डेंगू का लारवा मिलता है तो संबंधित व्यक्ति को नोटिस दिया जाएगा और जुर्माना भी लगाया जाएगा। उन्होंने बताया कि शहर में एमसी और ग्रामीण क्षेत्र में पंचायत प्रतिनिधियों को सूचना दी जाएगी।
निगरानी के लिए बनाईं 49 टीमें
सिविल सर्जन ने बताया कि इन टीमों के सुपरविजन के लिए शहरी क्षेत्र में पांच टीमों का गठन किया है, जो टीकाकरण कार्य का भी निरीक्षण करेंगे। स्वास्थ्य संस्थान के अधिकारियों से रिपोर्ट ली जाएगी। ग्रामीण अंचल में सुपरविजन के लिए 44 टीमों का गठन किया है, जो कि बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य सुपरवाइजर होंगे। यह निरीक्षण की रिपोर्ट प्रतिदिन अपने उच्च अधिकारी को देंगे। उन्होंने बताया कि नागरिक अस्पताल के वार्ड नंबर नौ को मलेरिया, चिकनगुनिया, डेंगू, स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए आरक्षित कर आइसोलेशन वार्ड बनाया है। यदि इन बीमारियों से गस्त कोई यहां उपचार के लिए आता है तो उनको यहां पर दाखिल किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिले में प्रत्येक एसडीएच और सीएचसी में पांच-पांच बेड रिजर्व रखे गए हैं, जहां पर मलेरिया, चिकनगुनिया मरीजों को दाखिल किया जा सके।
रविवार को लगेगी कोरोना से बचाव की दूसरी डोज
सिविल सर्जन ने बताया कि विभाग के एसीएस राजीव आरोड़ा के निर्देशानुसार प्रत्येक रविवार को कोरोना से बचाव के लिए दूसरी डोज लगाई जाएगी। ऐसे में रविवार के दिन लगाए जाने वाले शिविर या अस्पताल में वे ही व्यक्ति जाएं, जिनको पहली डोज लग चुकी है। अन्य दिनों में पहली और दूसरी दोनों डोज लगाई जाएंगी।