अमर उजाला ब्यूरो
भिवानी।
शहर की 11 इमारत असुरक्षित हैं। बीएंडआर ने इन इमारतों को अनसेफ घोषित कर इन्हें जानलेवा घोषित कर दिया है। बीएंडआर की रिपोर्ट के आधार पर नगर परिषद ने इन इमारतों के मालिकों को सात दिन का कारण बताओ नोटिस थमाने की तैयार कर ली है। सात दिन में भवन मालिक या तो स्वयं गिरा लें, नहीं तो नप अधिकारी कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कराएंगे और इन इमारतों को गिरवाएंगे। इसका खर्च भवन मालिक से वसूला जाएगा।
शहर में बहुत से खंडहर भवन है। दो से तीन दर्जन भवन तो ऐसे हैं जो 50-60 साल से भी ज्यादा पुराने है। इनका मलबा टूट-टूटकर गलियों में गिर रहा है। इस कारण कभी भी इनकी वजह से हादसा हो सकता है। नगर परिषद टीम ने पिछले दिनों सर्वे किया और करीब 11 भवनों को खस्ताहाल पाया। कुछ भवनों की रिपोर्ट के लिए बीएंडआर विभाग को लिखा गया। बीएंडआर के अधिकारियों ने निरीक्षण के बाद इन्हें असुरक्षित घोषित कर दिया। बीएंडआर अधिकारियों का कहना है कि ये असुरक्षित भवन कभी भी जानलेवा साबित हो सकते हैं। अधिकतर दो या तीन मंजिला हैं और गली के किनारे पर है।
इन इलाकों में हैं अनसेफ इमारत
खाड़ी मोहल्ले में चार
खारी कुई मस्तान गली के पास एक
जैन चौक पर एक
पतराम गेट के पास एक
लोहड़ चौपटा खाद-बीज बाजार एक
अलबेला गली में एक
अन्य दो
बारिश और भूकंप में थम जाती है लोगों की सांस
खंडहर भवन आस-पड़ोस में रहने वालों के लिए टेंशन बने हैं। बारिश और भूकंप के दौरान अप्रिय घटना का डर सताने लगता है। अनेक के सामने तो घर छोड़ने की समस्या आ जाती है।
खंडहर भवन में पढ़ रहे बच्चे, विभागों में फंसी रिपोर्ट
नगर परिषद और बीएंडआर विभाग की टीम ने शहर थाने के पीछे चल रहे प्राइमरी स्कूल का भी निरीक्षण किया। इस दौरान इसे भी असुरक्षित पाया गया। हालांकि, इसे न तो कोई नोटिस दिया गया और न ही कोई कार्रवाई की गई। बीएंडआर का कहना है कि नप की ओर से कोई पत्र इसकी जांच के बारे नहीं आया, जबकि नप अधिकारियों का कहना है कि बीएंडआर विभाग की रिपोर्ट आने के बाद नोटिस दिया जाएगा। स्कूल में बहुत से बच्चे हैं। अनेक अधिकारी भी स्कूल का निरीक्षण कर इसे कंडम घोषित कर चुके हैं। स्कूल का मलबा बार-बार टूटकर गिर रहा है। कई बार स्टाफ सदस्य हादसे से बच चुके हैं। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रह्री।
शहर में कुछ कंडम भवन चिह्नित किए गए हैं। बीएंडआर ने भी इन्हें असुरक्षित बताया है। इन्हें एक सप्ताह के नोटिस दिए जा रहे हैं। एक सप्ताह में नहीं हटाने पर भवन मालिक के खिलाफ केस दर्ज करवाया जाएगा। लोगों की सुरक्षा को देखते हुए नप स्वयं भी खंडहर भवन को हटवा सकती है। इसका खर्च भवन मालिक को वहन करना होगा।
राकेश कुमार, बिल्डिंग इंस्पेक्टर, नगर परिषद
छह-सात भवनों की रिपोर्ट नगर परिषद को भेज दी है। सभी भवन अनसेफ पाए गए हैं।
पीके बागड़ी, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग