भिवानी। एडीजे सुरुचि अटरेजा सिंह की अदालत ने नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म करने के मामले में दोषी सोनू को 10 वर्ष कैद और 40 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने यह फैसला अपराध की गंभीरता को देखते हुए सुनाया।
मामले में जिला भिवानी निवासी एक महिला ने सदर थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया था कि 25 दिसंबर 2023 को आरोपी उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर घर से ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। शिकायत के आधार पर सदर थाना भिवानी पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था।
जांच के बाद पुलिस ने आरोपी सोनू निवासी गली नंबर दो, दुर्गा कॉलोनी, दिनोद रोड, भिवानी को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया। ट्रायल के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर अदालत ने उसे दोषी करार दिया।
अदालत ने दोषी सोनू को पॉक्सो एक्ट की धारा 4 के तहत 10 वर्ष कैद और 20 हजार रुपये जुर्माना, भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 34 के तहत पांच वर्ष कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना, वहीं धारा 366, 34 के तहत पांच वर्ष कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी आदेश दिया कि जुर्माना राशि न भरने पर दोषी को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।