धान घोटाले के बीच अब ऑडियो बम फूटा है। करीब एक मिनट 16 सेकेंड की इस ऑडियो में राइस मिलों में फिजिकल वेरिफिकेशन से पहले संचालकों को 15-15 हजार रुपये एकत्रित करने की बात की जा रही है। हालांकि यह ऑडियो सही है या नहीं। अभी जांच का विषय है लेकिन इसके वायरल होने के बाद राइस मिलर्स में भी हड़कंप मच गया है।
करीब एक सप्ताह पहले ही क्षेत्र के एक राइस मिल पर धान स्टॉक में गड़बड़ी के चलते मामला दर्ज किया गया था। अभी इस मामले की जांच पूरी तरह से आगे नहीं बढ़ पाई कि अब ऑडियो वायरल होने से मामला और भी पेचीदा दिखाई देने लगा है।
भारतीय किसान यूनियन के प्रिंस वडै़च ने बताया कि किसानों द्वारा धान की ख़रीद के मामले में लगातार धांधली होने की बात उठाई जा रही थी। जिस पर संज्ञान लेते हुए सरकार ने फिजिकल वेरिफ़िकेशन विभाग के अधिकारियों द्वारा करवाई, जिसमें करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आया। इस मामले में गत दिनों पुलिस द्वारा एक राइस मिलर्स के खिलाफ केस दर्ज किया। अब एक ऑडियो क्लिप सामने आई, जिसमें कोई राइस मिलर्स एसोसिएशन का सदस्य सभी मिलर्स को एक दुकान पर फिजिकल वेरिफ़िकेशन के लिए फ़ीस जमा कराने की बात कह रहा है। प्रिंस वडै़च ने बताया कि इस ऑडियो के सामने आने से यह घोटाला और बड़ा हो सकता है।