लाडवा की अनाज मंडी में फैले डायरिया के दौरान सेहत विभाग की कार्यशैली से खफा मजदूर सोमवार को हड़ताल पर चले गए। मजदूरों की हड़ताल के चलते किसानों का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया और अधिकतर किसानों ने स्वयं ही ट्रालियों से धान को उतारकर भराई का काम शुरू कर दिया।
इस पर मजदूर परेशान हो उठे और उन्होंने किसानों को ऐसा करने से रोकना चाहा। इसके चलते किसानों ने सड़क जाम करने की योजना बना ली। इससे पहले कि सड़क जाम की स्थिति बने मजदूरों, आढ़तियों व प्रशासन में सहमति हो गई और करीब दो-तीन घंटे हड़ताल के बाद सभी मजदूर काम पर लौट गए। मजदूरों के काम पर आने से प्रशासन के साथ-साथ आढ़तियों और किसानों ने भी राहत की सांस ली।
गौरतलब है कि नई अनाज मंडी में पिछले कई दिनों से खराब पानी की सप्लाई के कारण सैकड़ों मजदूर उल्टी-दस्तके शिकार हो गए हैं। मजदूरों ने डॉक्टरों पर भर्ती के नाम पर रुपये ऐंठने का आरोप लगाया है। जबकि जिला के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने इस तरह के केसों में भर्ती फीस लेने से मना कर दिया था।
मजदूरों का यह भी आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों और नर्सों का व्यवहार ठीक नहीं है और वह ऐसे मरीजों की ओर कोई खास ध्यान नहीं दे रहे हैं। मजदूरों ने कहा कि उनकी बीमारी पर दूषित पानी पीने के कारण हुई है। इसके चलते इलाज पर जो पैसा लगा वह मार्केट कमेटी या मंडी एसोसिएशन दे।
मंडी में नए शौचालय बनाए जाएं। शुद्ध पीने के पानी की व्यवस्था की जाए। थाना प्रभारी दीपेंद्र सिंह राणा, मार्केट सचिव श्याम सिंह, आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान अशोक गुप्ता आदि ने दो घंटे की मशक्कत के बाद मजदूरों की अधिकतर मांगों को पूरा करवाने का आश्वासन देकर हड़ताल को समाप्त किया।