अंबाला। कुत्तों की नसंबदी सहित बेसहारा गोवंश को सहारा देने की योजना कागजों में धूल फांक रही है। पिछले 10 दिन से नगर परिषद के अधिकारी एक ही बात दोहरा रहे हैं कि ठेकेदार को निर्देश दे दिया है और वह जल्द काम शुरू कर देगा।
अगर कार्य निर्देश दिए हैं तो फिर कुत्तों की नसंबदी का कार्य शुरू होने में क्या देर है। इसका भी हैरानी करने वाला जवाब विभागीय अधिकारी दे रहे हैं। उनका कहना है कि मानसून सिर पर है और नालों की सफाई का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। ऐसे में कुत्तों की नसंबदी का काम अटक गया है। जबकि नगर परिषद के अधिकारियों का कहना था कि काम जल्द शुरू हो जाएगा।
हेल्पलाइन नंबर भी नहीं जारी
कुत्तों की नसंबदी के कार्य आदेश देने के बाद ठेकेदार को काम शुरु कर देना चाहिए था लेकिन वह शुरू नहीं हो पाया। अभी तक कागजों में कार्रवाई चल रही है। इसलिए ठेकेदार ने काम शुरू नहीं किया है। वहीं दूसरी तरफ नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी देवेंद्र नरवाल ने विभागीय निरीक्षक को निर्देश दिए थे कि वो कुत्तों की समस्या के लिए एक हेल्पलाइन भी जारी करें ताकि लोग फोन के माध्यम से आवारा कुत्तों की जानकारी दें सकें। लेकिन यह कार्यवाही भी ठंडे बस्ते में चली गई है।
रोजाना 15 केस आ रहे अस्पताल
अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर रोजाना 15 केस कुत्तों के काटने के आ रहे हैं। सभी घायलों को उपचार दिया जा रहा है। इनमें बुजुर्गों व छोटे बच्चों की संख्या अधिक है जो जाने-अंजाने इनका शिकार हो रहे हैं। ऐसे में यह समस्या अंबाला छावनी के लोगों के लिए सिरदर्दी बनती जा रही है।
कचरे में मुंह मार रहे गोवंश
छावनी की दूसरी बड़ी समस्या बेसहारा गोवंश को सहारा देने की है। इस समस्या के समाधान को लेकर नगर परिषद ने कई बार योजना तैयार की, लेकिन वो सिरे नहीं चढ़ पाई। कभी ठेकेदारों ने रूचि नहीं दिखाई तो कभी नियमों की कमी के कारण निविदा सिरे नहीं चढ़ी। अब जब सभी कागजी कार्यवाही पूरी हो गई तो कार्य आदेश देने को लेकर मामला फंस गया है क्योंकि नए अधिकारी के आने से यह दिक्कत आई है और वो अब पूरी योजना का नए सिरे से आंकलन करने में जुट गए हैं।
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घर से निकलना मुश्किल
आवारा कुत्तों के कारण घर से निकलना मुश्किल हो गया है। इस संबंध में नगर परिषद जाकर कई बार शिकायत दी गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। गली में तीन-चार लोगों को कुत्ते काट चुके हैं।
जयबीर सिंह।
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हादसे का रहता है डर
गली में बैठे कुत्ते कभी भी आक्रामक हो जाते हैं। गली से गुजरने वाले वाहन चालकों के पीछे दौड़ते हैं। इस कारण कई वाहन चालक घायल हो चुके हैं। पहले इनकी तादाद दो से तीन के बीच थी, अब ये सात से आठ तक पहुंच गए हैं।
अजीत सिंह।
वर्जन
कुत्तों की नसंबदी का कार्य आदेश दे दिया था। ठेकेदार को भी काम शुरु करने के निर्देश दिए गए थे। उसने काम क्यों नहीं शुरु किया, इसकी जानकारी सोमवार को कार्यालय खुलने के बाद ही दे सकती हूं। बेसहारा गोवंश का ठेका जारी करने का कार्य भी अंतिम चरण में है।
स्वर्ण कौर, अध्यक्ष नप सदर।
अंबाला छावनी में सनातन धर्म स्कूल के पास गंदगी के पास खड़े बेसहारा गोवंश। संवाद
अंबाला छावनी में सनातन धर्म स्कूल के पास गंदगी के पास खड़े बेसहारा गोवंश। संवाद