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Ambala News: 60 फीट के निशान संग कलावड़ में गूंजेंगे गोगा जी के जयकारे

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कलावड़ गांव में 60 फीट उंचा पवित्र निशान । फाइल फोटो
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- सौ साल पुरानी छड़ियों की परंपरा बरकरार, ग्रामीणों मानते हैं गांव की दूसरी दिवाली
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुलाना। कलावड़ गांव के ऐतिहासिक गोगा माड़ी मेले की तैयारियां जोरों पर हैं। सौ वर्षों से भी अधिक पुरानी छड़ियों और रोशनी की परंपरा को समेटे यह मेला इस वर्ष सात और आठ सितंबर को आयोजित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश, पंजाब और हिमाचल से भी श्रद्धालु यहां मन्नतें मांगने और शीश नवाने पहुंचते हैं। ग्रामीणों के लिए यह आयोजन गांव की दूसरी दिवाली के समान होता है।
कलावड़ में दो प्राचीन गोगा माड़ी हैं। 5 सितंबर को प्राचीन गोगा माड़ी और 6 सितंबर दोपहर को दूसरी गोगा माड़ी पर पवित्र निशान की शोभायात्रा निकाली जाएगी, जिसके बाद इन्हें प्रांगण में स्थापित किया जाएगा। 6 सितंबर की रात को पारंपरिक रोशनी निकाली जाएगी जिसमें श्रद्धालु नंगे पैर हाथों में दीपक लेकर मशाल के पीछे गोगा जी के जयकारे लगाते हुए चलते हैं। इसी अद्भुत दीपोत्सव के कारण इसे गांव की दूसरी दिवाली कहा जाता है। इसके पश्चात 7 सितंबर को माड़ी पर श्रद्धालुओं द्वारा छड़ियां चढ़ाई जाएंगी।
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एक श्रद्धालु का संतुलन है मुख्य आकर्षण
इस मेले की सबसे बड़ी खासियत यहां स्थापित किए जाने वाले करीब 60-60 फीट लंबे पवित्र निशान हैं। इतने विशाल और भारी निशान को एक ही व्यक्ति द्वारा उठाकर संतुलन बनाते हुए ढोल-नगाड़ों की थाप पर गांव की गलियों से निकाला जाता है और गोगा माड़ी प्रांगण में स्थापित किया जाता है। ग्रामीणों के अनुसार ऐसा नजारा केवल कलावड़ गांव में ही देखने को मिलता है। मेले के दौरान गांव में सांस्कृतिक कार्यक्रम सांग, कबड्डी प्रतियोगिता और दंगल का भी आयोजन किया जाएगा।

कलावड़ गांव में 60 फीट उंचा पवित्र निशान । फाइल फोटो

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