संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने बिजली वितरण के निजीकरण का पुरजोर विरोध करते हुए कहा है कि उनका विभाग इस फैसले के खिलाफ अंतिम स्तर तक कानूनी लड़ाई लड़ेगा। अंबाला में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे स्वयं निजीकरण के पक्ष में नहीं हैं।
विज ने बताया कि गुरुग्राम और नूंह में निजी कंपनी को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस दिए जाने का उनके विभाग ने हरियाणा बिजली विनियामक आयोग (एचईआरसी) के सामने लिखित में कड़ा विरोध किया था। इसके दस्तावेज सार्वजनिक रूप से उपलब्ध हैं। अब आयोग के फैसले के खिलाफ सरकार उच्च स्तर पर अपील करेगी। कर्मचारी हितों को सर्वोपरि बताते हुए उन्होंने कर्मचारी नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया है ताकि किसी बेहतर समाधान पर सहमति बन सके।
विपक्ष पर साधा निशाना
मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विपक्ष के सवालों का जवाब देते हुए ऊर्जा मंत्री ने कहा कि वोटर लिस्ट बनाना और एक व्यक्ति-एक वोट सुनिश्चित करना चुनाव आयोग का संवैधानिक दायित्व है, भाजपा का नहीं। विपक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि 23 साल बाद हो रहे इस पुनरीक्षण प्रक्रिया में चुनाव आयोग अपना धर्म पूरी निष्ठा से निभा रहा है। जिनके पास सक्रिय कार्यकर्ता नहीं हैं, वही आयोग की निष्पक्ष कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।