जगाधरी। हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी नौ सूत्रीय मांगपत्र देने के लिए बुधवार को जिला सचिवालय पहुंचे, परंतु इस दौरान किसानों का ज्ञापन लेने कोई अधिकारी नहीं आया। कुछ देर इंतजार के बाद भी जब कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो किसान गुस्सा हो गए। किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी और जिला सचिवालय का प्रवेश द्वार घेर कर प्रदर्शन पर बैठ गए।
किसानों का प्रदर्शन बढ़ता देख अधिकारी किसानों का ज्ञापन लेने पहुंच गए। यह प्रदर्शन व ज्ञापन कार्यक्रम हरियाणा किसान मजदूर संघर्ष मोर्चा की ओर से बुलाया गया था। अधिकारी ने पहुंचकर किसानों को शांत किया और उनकी मांगे सुनी।
वहीं, इस दौरान मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों की अनदेखी की, तो 10 सितंबर को पिहोवा अनाज मंडी में होने वाली किसान महापंचायत में कड़ा निर्णायक लिया जाएगा। मोर्चा की ओर से मुख्यमंत्री के नाम जारी मांग पत्र दिया गया। इसमें किसानों, खेत-मजदूरों, पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के समाधान की गुहार लगाई है। यूनियन के जिलाध्यक्ष जसप्रीत सिंह ने बताया मोर्चे की प्रमुख मांग है कि तकनीकी खामियों और समय सीमा के कारण पंजीकरण से वंचित किसानों के लिए मेरी फसल-मेरा ब्योरा पोर्टल तुरंत दोबारा खोला जाए। मांग-पत्र में 15 सितंबर से परमल धान की सरकारी खरीद शुरू करने की मांग की गई है।
जिला सचिवालय में धरने पर बैठे किसान, मजदूर व अन्य प्रदर्शनकारी। संवाद