अंबाला। मॉडल टाउन निवासी निकिता बजाज (25) के परिजनों को विश्वास ही नहीं हो रहा कि उनकी बेटी अब कभी नहीं लौटेगी। निकिता के पिता और भाई की आंखें नम तो हैं मगर उनमें अक्रोश भी है। उनका आरोप है कि निकिता की दोहरी हत्या हुई है।
परिजनों का आरोप है कि पुलिस आरोपी हैड कांस्टेबल अमित कुमार को अस्पताल में वीआईपी ट्रीटमेंट दे रही थी। उसका मेडिकल भी चार घंटे बाद कराया। इसके अलावा परिजनों की ओर से दी गई तहरीर में हिट एंड रन के हालात बताए गए थे लेकिन पुलिस ने हल्की धारा लगा दी। परिजन कोर्ट में दलील न रख पाएं इसलिए उन्हें आखिरी कुछ मिनटों में सूचना दी गई। आखिरकार आरोपी जमानत लेकर चला गया।
निकिता के भाई हर्ष बजाज ने पुलिस को बताया कि 11 जनवरी को मेरी तबियत ठीक नहीं थी तो बहन के साथ दिल्ली से रात्रि 9 बजे अंबाला कैंट आ गया था। यहां से ई-रिक्शा में बैठकर हम अपने घर को जा रहे थे। ई-रिक्शा में एक दंपती और थे। कालीपलटन पुल के आगे कुछ दूरी पर हमारा ई-रिक्शा बढ़ा तो पीछे से आई एक सफेद रंग की वरना कार ने उनके ई-रिक्शा को टक्कर मार दी।
हादसे में बहन निकिता हाईवे पर गिर पड़ी, जबकि मैंने व दो अन्य सवारियों ने ई-रिक्शा को पकड़ लिया। इसके बाद कार चालक ने कार भगा दी। इसी दौरान चालक ने कार निकिता के सीने पर चढ़ा दी और उसे कुछ दूरी तक घसीटता ले गया। आगे जाकर कार हाईवे की रेलिंग से टकरा गई। मैं बहन काे संभाल ही रहा था। इस दौरान मैंने देखा कि कार चालक लड़खड़ाता हुआ भाग रहा है।
ऐसे में भागकर मैंने कार चालक को पकड़ा तो वह पुलिस की ड्रेस में दिखा। इतने में लोग एकत्रित हो गए। उनकी मदद से मैंने बहन को ऑटो में बैठाया और आरोपी पुलिस कर्मी को पकड़ कर अस्पताल ले आए। इसी बीच परिजनों को कॉल कर पुलिस को सूचित कर दिया। मेरी बहन की हत्या की गई है, आरोपी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। ब्यूरो