अंबाला सिटी। नगर निगम चुनाव में मतदान केवल प्रतिनिधि चुनने की प्रक्रिया नहीं रहा, बल्कि यह शहरवासियों के हालिया अनुभवों और उम्मीदों का भी प्रतिबिंब बना। करीब छह माह पहले हुई भारी बारिश के दौरान शहर में हुए जलभराव की तस्वीरें लोगों के जेहन में ताजा थीं। मतदान केंद्रों पर पहुंचे कई मतदाताओं ने उस दौर को याद करते हुए अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
लोगों की बातचीत में पिछली बारिश का जिक्र प्रमुख रूप से सुनाई दिया। मतदाताओं ने बताया कि अगस्त माह में हुई बारिश के बाद शहर के कई हिस्सों में हालात बेहद चुनौतीपूर्ण हो गए थे। मुख्य सड़कों से लेकर कॉलोनियों तक पानी भर गया था, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हुआ था। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए लोगों ने इस बार अपने मतदान का निर्णय लिया।
पिछले वर्ष मानसून के सीजन में जगाधरी गेट, सेक्टर-9 अंडरपास और ईंको चौक जैसे इलाकों में जलभराव की स्थिति गंभीर बनी रही थी। स्थानीय लोगों के अनुसार कई जगहों पर पानी छह-छह फीट तक भर गया था, जो लगातार तीन दिन तक जमा रहा। इस दौरान आवागमन पूरी तरह ठप हो गया था और लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
लोगों ने कहा कि पिछली बार जिस तरह जलभराव की समस्या सामने आई, उससे सबक लेते हुए इस बार बेहतर प्रबंधन की उम्मीद के साथ मतदान किया है। -
मैंने अपने पिछले बाढ़ के अनुभव के साथ इस बार पार्षद और मेयर के चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग किया है। पूरा शहर डूब जाता है और जिम्मेदार कहीं और घूमने निकल जाते हैं। - विश्वजीत सिंह, मतदाता, जगाधरी गेट
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- इस बार का चुनाव काफी महत्वपूर्ण था। चूंकि उपचुनाव में भाजपा को मौका दिया और उसका हाल पूरे 10 माह तक भुगता। अब शहर की छोटी सरकार में परिवर्तन की आवश्यकता है। - लड्डू सिंह, मतदाता, बलदेव नगर