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बंपर डोज मिलने से जिला में लगी 17713 को वैक्सीन, गदगद हुए युवा

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युवती को कोरोना वैक्सीन लगाती स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद - फोटो : Ambala
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वैक्सीन का सूखा झेल रहे जिला को आखिर कार 10वें दिन बंपर डोज मिलने से वैक्सीन न लगने के कारण मायूस लौट रहे चेहरों पर रौनक आई। वहीं लोगों की बातें सुनते-सुनते परेशान हो चुके स्वास्थ्य कर्मियों ने भी राहत भरी सांस ली। मंगलवार को जिला में जमकर वैक्सीनेशन हुई। सुबह एक हेल्थ वर्कर को वैक्सीन की पहली डोज लगाने का काम शुरू हुआ जो कि शाम ढलते-ढलते 17713 पर जाकर रुका। इसी कड़ी में 59 फ्रंट लाइन वर्कर को पहली डोज तो 2498 को दूसरी डोज लगाई गई। 18 से 44 आयु की बात करें तो 7163 लोगों को पहली डोज तो 266 लोगों को दूसरी डोज लगा दी गई। इसी तरह 45 से 60 आयु वर्ग के 2682 लोगों को पहली तो 3406 लोगों को दूसरी डोज लगा दी गई। 60 की आयु पार कर चुके 666 लोगों को पहली और 824 लोगों को संजीवनी की दूसरी डोज लगाकर सुरक्षित कर दिया गया।
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मंगलवार को 17053 लोगों को कोविशील्ड तो 660 लोगों को कोवाक्सीन की डोज स्वास्थ्य विभाग ने लगाने का काम किया गया है। अभी तक जिला में कुल 7 लाख 78 हजार 943 लोगों को सुरक्षा का टीका लगा दिया गया है। जिसमें से 5 लाख 51 हजार 676 लोगों को पहली तो वहीं 2 लाख 27 हजार 267 लोगों को दोनों डोज लग चुकी हैं। शहर की बात करें तो आईटीआई में बने वैक्सीनेशन सेंटर में सबसे ज्यादा 635 लोगों को वैक्सीन लगाई गई हैं। जबकि रविदास माजरी के स्वास्थ्य केंद्र में 301, दुर्गानगर में 430, बलदेव नगर में 330, पॉलीक्लिनिक में 280, पीपीसी में 201 लोगों को वैक्सीन की डोज लगाई गई है।
यह मेरी वैक्सीन की दूसरी डोज थी, जिसे लगवाने के लिए में कई दिनों से कोविशील्ड आने का इंतजार कर रही थी। शायद वैक्सीन की कमी के चलते नहीं मिल पा रही थी। आज जैसे ही मुझे पता चला कि वैक्सीन आ गई है तो मैंने अपनी दूसरी डोज लगवा ली है।
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- पूनम।
कॉलेज में दाखिला लेना है, इसीलिए मुझे कोविशील्ड ही लगवानी थी। इसीलिए मैं दो-तीन बार आई तो हर बार यही जवाब मिला कि अभी नहीं आई है। आज पता किया तो वैक्सीन उपलब्ध होने की जानकारी मिली है तो बिना किसी देरी के वैक्सीन लगवा ली है।
- कीर्ति बनवाल।
मैं कॉलेज में पढ़ती हूं, कोरोना के कारण कॉलेज बंद थे। अब जब स्कूल खुल गए हैं तो शायद कॉलेज भी खुल जाएंगे। तो कॉलेज में हो सकता है कि वैक्सीनेशन का सर्टिफिकेट भी मांगे यही सोच कर आज वैक्सीन की पहली डोज लगवाई है।
- पारूल।
यह मेेरी दूसरी डोज थी, जिसको लगवाने के लिए मैं आया हूं। मुझे पहली डोज कोविशील्ड लगी थी तो बीच में अब वैक्सीन की कमी चल रही थी। कई बार आया लेकिन वैक्सीन नहीं लग पाई। आज आया तो शुक्र है कि वैक्सीन भरपूर मात्रा में थी तो मैंने अपनी दूसरी डोज लगवा ली।
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- ध्रूव

वैक्सीन लगवाने के लिए पंजीकरण प्रक्रिया के दौरान लोगों की लगी कतार। संवाद- फोटो : Ambala

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