चलती ट्रेन को रोकने के लिए अधिकांश मामलों में यात्री ही चैन खींचने का काम करते हैं। जब ट्रेन में तैनात टीटीई ही बेवजह चैन खींचकर ट्रेन रोक दे तो इसे नियमों के खिलाफ जाकर कार्रवाई कहा जाएगा। ऐसा ही एक मामला शुक्रवार सुबह प्लेटफार्म 2 पर देखने को मिला, जब एसीपी होने के बाद सचखंड एक्सप्रेस लगभग 10 मिनट तक रेलवे यार्ड और प्लेटफार्म के बीच ही खड़ी रही। ट्रेन को बेवजह रोकने के आरोप में आरपीएफ ने टीटीई के खिलाफ रेलवे एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में आरपीएफ ने सीसीटीवी की फुटेज भी कब्जे में ली है। फुटेज में नजर आ रहा है कि टीटीई ट्रेन से उतरा और अपना सामान लेकर दोबारा ट्रेन में सवार हो गया। टीटीई अमृतसर स्टेशन से ही ट्रेन में सवार हुआ था और इसे दिल्ली तक जाना था।
बता दें कि अमृतसर से चलकर सचखंड श्री हजूर साहिब जाने वाली ट्रेन शुक्रवार सुबह 20 मिनट देरी से छावनी स्टेशन पहुंची। पहले शहर के नजदीक ट्रेन रुक गई और फिर ट्रेन में तैनात टीटीई ने चैन खींचकर ट्रेन को छावनी रेलवे स्टेशन के नजदीक रोक दिया। ट्रेन के रुकते ही तुरंत स्टेशन मास्टर और आरपीएफ कर्मचारी चौकस हो गए। जानकारी मिली है कि टीटीई अमृतसर मुख्यालय से संबंधित है, वहीं छावनी आरपीएफ पोस्ट प्रभारी राजेश हुड्डा ने बताया कि सचखंड एक्सप्रेस की चैन खींचने के मामले में टीटीई के खिलाफ रेलवे एक्ट 141 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। फुटेज में टीटीई की प्रत्येक प्रक्रिया नजर आ रही है। जल्द ही उसे जांच में शामिल होने के निर्देश दिए जाएंगे। मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है।