अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल में आईपीडी ब्लॉक में अपनी बारी का इंतजार करते मरीज। संवाद
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अंबाला। आईएमए के आह्वान पर शनिवार को तीसरे दिन भी आयुष्मान योजना के तहत जिले के 46 अस्पतालाें में उपचार बंद रहा। सबसे ज्यादा परेशानी आंखों के मरीजों को उठानी पड़ी। तीन दिनों में 100 से अधिक लोगों के ऑपरेशन रुके पड़े हैं। ऐसे में मरीजों को अब नागरिक अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। जिले में करीब पांच लाख मरीज आयुष्मान योजना के तहत पंजीकृत हैं। आईएम अध्यक्ष डाॅ. एसपी बहल और डॉ. विवेक मल्होत्रा ने कहा कि सरकार भुगतान करने में ढिलाई बरत रही है और इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। वहीं आईएमए जुड़े डॉ. प्रभाकर शर्मा ने बताया कि रक्षाबंधन के कारण छुट्टी थी और मरीज भी नहीं आए, वहीं राज्य स्तरीय कमेटी की तरफ से भी अभी कोई निर्देश नहीं आए हैं, ऐसे में आयुष्मान योजना के तहत मरीजों के उपचार पर अभी प्रतिबंध ही रहेगा। इस सुविधा के बंद होने से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और अब उन्होंने अंबाला सिटी सहित कैंट के नागरिक अस्पताल में उपचार के लिए डॉक्टरों से परामर्श लेना शुरु कर दिया है।
नागरिक अस्पताल की ओपीडी में बढ़े मरीज
छावनी नागरिक अस्पताल की ओपीडी भी पिछले तीन दिनों से बढ़ गई है। आंखों सहित दांतोें का उपचार करवाने वाले मरीजों की संख्या में ज्यादा बढ़ोतरी हुई है। पहले जहां 50 से 60 के करीब मरीज आते थे, वहीं अब 100 से अधिक मरीज आ रहे हैं। ओपीडी भी 2000 तक पहुंच गई है, जबकि पहले 16 से 1700 तक मरीज आते थे।
आयुष्मान योजना के तहत उपचार न मिलने की शिकायत किसी भी मरीज की तरफ से नहीं की गई है। सरकार समस्या के समाधान में जुटी हुई है और लंबित राशि भी जारी कर रही है, उम्मीद है कि जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा।
- डॉ. सुखप्रीत सिंह, नोडल अधिकारी, आयुष्मान योजना अंबाला।