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Ambala News: शंभू सीमा के कारोबारियों को 600 करोड़ का नुकसान, बॉर्डर खुलने पर बांटे लड्डू

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अंबाला सिटी। शंभू बॉर्डर के खुलने से कपड़ा मार्केट सहित शंभू सीमा के निकटवर्ती दुकानदारों व ग्रामीणों को भी 13 महीने बाद राहत मिली है। कपड़ा मार्केट में विभिन्न बाजारों को शंभू सीमा खुलने के बाद से खुशी का माहौल है। वीरवार को कपड़ा मार्केट बंद होने के कारण दुकानें बंद थी, लेकिन कालका चौक पर स्थित मार्केट के दुकानदारों ने एक दूसरे का मुंह मीठा करवाकर खुशी मनाई। 402 दिन तक बॉर्डर बंद होने से अंबाला के व्यापारी पंजाब में कारोबार नहीं कर सके। इसके कारण उन्हें 600 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। अब दुकानदारों को बार्डर खुलने से राहत मिलेगी। वहीं शंभू टोल प्लाजा के निकट लगते पेट्रोल पंप व ढाबे भी समाप्त होने की कगार पर हैं। शंभू सीमा खुलने से उन्हें भी उम्मीद की किरण नजर आ रही है।
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ग्रामीणों को मिलेगी राहत
शंभू सीमा बंद होने के कारण लोगों को स्थानीय गांवों में से होकर ही पंजाब की ओर जाना पड़ रहा था। इस कारण ग्रामीणों को भी बहुत परेशानी हो रही थी। अंबाला के गांव बड़ी घेल में वाहनों की आवाजाही से परेशान होकर लोगों ने गांव में पुलिया को भी तोड़ दिया था। जिस कारण वाहन बंधे से होकर ही जा रहे थे। वाहनों की बढ़ती संख्या के कारण ग्रामीणों को भी भारी परेशानी रहती थी। अब उन्हें भी जाम व वाहनों की अधिक आवाजाही से छुटकारा मिल जाएगा।
25 प्रतिशत रह गया था काम
हलवाई की दुकान करने वाले देवी नगर निवासी रघुबीर सिंह ने बताया कि बीते 11 महीने से शंभू सीमा बंद है। इस कारण उनका काम 25 प्रतिशत रह गया है। स्थानीय निवासी हरमेश कुमार ने बताया कि शंभू सीमा बंद होने के कारण गांव में वाहनों की आवाजाही अधिक होती थी। इसलिए रात के समय हादसों को खतरा रहता था। कई बार लोग चोटिल भी हो चुके हैं। पंजाब सीमा खुलने से उन्हें राहत मिलेगी।
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एक वर्ष बाद जगी उम्मीद
बाइक रिपेयर की दुकान चलाने वाले जीत कुमार ने बताया कि शंभू सीमा बंद होने के कारण छोटे वाहनों का आवाजाही बंद हो गई थी। इस कारण उनका काम बहुत प्रभावित रहा। कई दिनों तक मजबूरी में उन्हें दुकान बंद भी रखनी पड़ी। अब उन्हें उम्मीद है कि उनका काम पहले की तरह चलेगा।

14 में से 12 कर्मचारियों को निकाला
दिल्ली- अमृतसर राजमार्ग पर स्थित पैट्रोल पंप के प्रबंधक सुखबीर सिंह ने बताया कि शंभू सीमा समाप्त होने के कारण काम समाप्त हो गया है। एक महीने में एक गाड़ी भी तेल की खपत नहीं हो पा रही है। इस कारण उन्होंने पैट्रोल पंप के कर्मचारियों में भी छंटनी कर दी। 14 कर्मचारियों में से अब सिर्फ तीन कर्मचारी ही पंप पर काम कर रहे हैं। जिसमें वह खुद भी शामिल है। शंभू सीमा खुलने से भी लंबे समय बाद पैट्रोल पंप का काम काज पटरी पर लौटेगा।

होलसेल कपड़ा मार्केट एसोसिएशन के प्रधान विशाल बतरा ने बताया कि सरकार के इस फैसले से व्यापारियों में बेहद खुशी है। पंजाब के रास्ते बंद होने के कारण सभी कारोबारियों को करीबन 15 करोड़ रुपये प्रति माह का नुकसान हो रहा था। अगर कई सेक्टरों को जोड़ लें तो नुकसान का आंकड़ा काफी बढ़ जाता है।
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