अंबाला। छावनी रेलवे यार्ड से कपड़ा व अन्य सामान लेकर बांग्लादेश के लिए चली ट्रेन अब 4 दिन में अपना सफर पूरा करेगी। ट्रेनों के आवागमन के लिए बांग्लादेश में 2 नए टर्मिनल बनाए गए हैं। रेलवे मंत्रालय के प्रयास से यह संभव हो पाया है। इसी की बदौलत छावनी से पार्सल लेकर चली चौथी ट्रेन 4 दिन बाद ही बांग्लादेश पहुंच गई है। ट्रेन के जल्द पहुंचने से व्यापारियों में खुशी का माहौल है और यह मंडल के लिए भी गौरवपूर्ण क्षण है। इस कार्रवाई से रेलवे के राजस्व में भी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है।
पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड, राजस्थान के व्यापारी ट्रेन के जरिए सामान बांग्लादेश भेजने के लिए संबंधित कंपनी से लगातार संपर्क कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में व्यापारियों की संख्या 10 से बढ़कर 20 के करीब हो गई है। इसका मुख्य कारण ट्रेन के चार दिन में ही बांग्लादेश पहुंचना सामने आया है। इससे व्यापारियों को काफी राहत मिली है कि इतनी जल्दी उनका सामान सुरक्षित बांग्लादेश तक पहुंच गया। रेलवे यार्ड में मौजूद कंपनी नुुमाइंदों ने बताया कि पहले जहां 20 कोच की स्पेशल ट्रेन में सामान भेजा जाता था, अब लगातार आ रहे सामान को देखते हुए पार्सल कोच की संख्या भी 25 तक पहुंच गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही पांचवीं ट्रेन भी छावनी रेल यार्ड से रवाना हो जाएगी। यहां बता दें जून में बांग्लादेश के लिए चली पहली ट्रेन दो सप्ताह में पहुंची थी।
नए टर्मिनल की मिली सुविधा
रेलवे अधिकारी ने बताया कि ट्रेन के लगातार देरी से पहुंचने के कारण व्यापारी भी परेशान हो रहे थे और विभागीय अधिकारी भी चिंतित थे। इस परेशानी के समाधान के लिए रेलवे मंत्रालय से गुहार लगाई गई और समस्या का समाधान भी त्वरित हो गया। भारत से आने वाली ट्रेनों के लिए अब बांग्लादेश में विशेष तौर पर 2 नए टर्मिनल बनाए गए हैं ताकि ट्रेन जल्द से जल्द बांग्लादेश पहुुंच सके।
रेलवे ने किया समाधान
ट्रेन के बांग्लादेश पहुंचने में कुछ अतिरिक्त समय लग रहा था। इस संबंध में मंडल रेल प्रबंधक के मार्गदर्शन में रेलवे से मंत्रणा की गई ताकि व्यापारियों को राहत मिल सके। रेलवे ने समस्या का समाधान कर दिया और अब 4 दिन में छावनी रेलवे यार्ड से चली पार्सल ट्रेन बांग्लादेश पहुंच गई है।
-विवेक शर्मा, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, फ्रेट।