बाइक-रेहड़ी पर घूमते-घूमते मुरादाबाद के फकीरा गैंग ने अंबाला के साहा और नारायणगढ़ में लूट और हत्या की तीन वारदात को अंजाम दिया। इसी रेहड़ी पर सफर करते समय रेकी करने के बाद रात के समय गिरोह ने दूरदराज के घरों और डेरों में सो रहे परिवारों पर डंडों और सरिए से हमला कर सोने-चांदी के आभूषण और नकदी लूटी थी। ऐसे सफर करके वे आमजन के सामने स्वयं को गरीब और असहाय दिखाते रहे, ताकि कोई उन पर शक न करे।
दो जनवरी को खरड़ से प्रोडक्शन वारंट पर लाए बटाला के धारीवाल वासी मैजिक उर्फ पप्पू उर्फ उस्मान, मुरादाबाद पिपलसान के वसीम और रमजान ने पुलिस रिमांड के दौरान सीआइए-टू की पूछताछ में कबूला है कि वारदात के बाद यदि कोई जाग जाए तो वे उसे मारने में भी गुरेज नहीं करते। बुधवार रिमांड पूरी होने के बाद रमजान को जेल भेज दिया गया, जबकि कोविड पॉजिटिव आए वसीम को भर्ती कर लिया गया। मैजिक का छह दिन का रिमांड बढ़ाया गया है। गिरोह के वारदात से पूर्व शराब का जमकर सेवन करते हैं, ताकि दया न आए।
इन वारदात का खुलासा
- बीती वर्ष 21-22 की रात नारायणगढ़ में आम के बाग के पास सो रहे परिवार पर डंडों से हमला कर संदूक से नकदी और सोने-चांदी के जेवर लूटे।
- 23-24 अगस्त की रात काला कच्छा पहन, शरीर पर काला तेल लगा और कपड़े से मुंह ढांपकर साहा की झुग्गियों में सो रहे दवा बेचने वाले परिवार को डंडों और सरिए से पीटकर लहूलुहान कर दिया। लोहे के बक्से में कुछ नहीं मिला तो वहां से भाग गए।
- 25-26 की रात साहा की झुग्गियों में सो रहे परिवार पर दोबारा वैसे ही डंडों और सरिए से हमला कर आभूषण लूटे। ज्यादा चोट लगने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई थी।
लूट और हत्या मेें ये रहे सहयोगी
मूलरूप से हिप्र के बद्दी और वर्तमान में पंजाब के बटाला, धारीवाल का मैचिंग उर्फ पप्पू उर्फ उस्मान, उप्र मुरादाबाद का रमजान उर्फ कोडा, गंगोह का सूरज, वसीम, विक्की उर्फ पैंदा, सलमान उर्फ बेला, काका, कल्लू उर्फ सोहिल खान, गवर्नस, सोहिल खान उर्फ करण, दिल्ली शकुरबस्ती का तोहिम, कम्मू उर्फ दिलबाग, सहारनपुर का गंजो उर्फ बाहुबली इन वारदात में शामिल रहे।
ये हैं इनके ठिकाने
- हिप्र के बद्दी, मुरादाबाद, आलमपुर, गंगोह, पिपलसाना, बटाला का धारीवाल इनके ठिकाने हैं।
मुरादाबाद का फकीरा गैंग मोटरसाइकिल से जुगाड़ कर बनाई गई रेहड़ी पर सामान बेचने के बहाने इधर-उधर घूमकर रेकी करते हैं। रात के समय शराब के नशे में सोते परिवारों पर हमला करते हैं। विरोध करने पर जान से मारने में भी नहीं हिचकते। गिरफ्तार सदस्यों ने अंबाला में तीन वारदात का खुलासा किया है।
- सुरेश दलाल, जांच अधिकारी, सीआइए-टू।