देश के जिस ए ग्रेड रेलवे जंक्शन पर रोजाना 60 हजार यात्रियों का आवागमन होता है, वहां एक भी बैंक का एटीएम नहीं है। हालांकि आठ राज्यों में बस सेवाएं देने वाले छावनी के बस अड्डे पर तीन-तीन बैंकों के एटीएम की सुविधा दी जा रही है। यहां से रोजाना करीब बीस हजार यात्री आवागमन करते हैं।
इस बारे में अंबाला मंडल रेलवे के अधिकारी बताते हैं कि इस सुविधा को बहाल करने के लिए तीन साल से पत्राचार चल रहा है। वहीं स्थानीय नागरिक बताते हैं कि अंबाला में एटीएम बूथों पर लूटपाट और छीनाझपटी की अनगिनत घटनाएं हो चुकी हैं। अगर रेल यात्री रात को बस अड्डे पर या पास में स्थित एटीएम से कैश लेने जाएं तो उन्हें लूटपाट का खतरा रहता है। बता दें कि रेलवे परिसर में एक अग्रणी बैंक का कार्यालय भी है, लेकिन इस बैंक का मुख्य गेट पर लगा एटीएम भी तीन साल पहले बंद हो चुका है।
दूसरी ओर, छावनी रेलवे स्टेशन देश के उन ए श्रेणी के रेलवे स्टेशनों में शामिल है, जो यात्री सुविधाओं में सबसे अव्वल हैं। छावनी स्टेशन पर भी यात्रियों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए कई कार्य किए गए हैं। इनमें वाहन पार्किंग, परिसर का सुंदरीकरण, रात्रि विश्राम के लिए रिटायरिंग रूम, सुरक्षा के लिए सीसीटीवी, यात्रियों के बैठने के लिए स्टील की कुर्सियां व खानपान के लिए आईआरसीटीसी का भोजनालय शामिल हैं।
150 ट्रेनों का हो रहा आवागमन
कोरोना काल के बाद धीरे-धीरे यात्री ट्रेनों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। छावनी रेलवे स्टेशन पंजाब, हिमाचल, यूपी, दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल व उत्तराखंड को जोड़ने का प्रमुख केंद्र है। मौजूदा समय में लगभग 150 से अधिक ट्रेनों का आवागमन रेलवे स्टेशन पर हो रहा है।
तीन साल से बंद एटीएम
छावनी रेलवे स्टेशन पर कोरोना काल से पहले लगभग पांच अग्रणी बैंकों के एटीएम हुआ करते थे। रेलवे परिसर में ही स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैक ऑफ बड़ौदा सहित दो अन्य बैंक के एटीएम थे। वहीं मुख्य गेट पर पंजाब नेशनल बैंक का एटीएम लगा था। मौजूदा समय में सभी एटीएम बंद हो चुके हैं।
पांच हजार रेलवे कर्मचारी भी परेशान
स्टेशन पर एटीएम न होने का खामियाजा रेल यात्रियों के साथ-साथ रेलवे कर्मचारी भी भुगत रहे हैं। उन्हें भी जरूरतें पूरी करने के लिए बाजार व अन्य जगह पर लगे एटीएम का इस्तेमाल करना पड़ रहा है। लगभग पांच हजार से अधिक कर्मचारी मंडल कार्यालय सहित रेलवे स्टेशन और नजदीकि कार्यालयों में तैनात हैं। इस परेशानी का सामना रेलवे कर्मचारियों के परिजनों को भी करना पड़ रहा है।
लंबित किराए का नहीं हुआ भुगतान
जानकारी के अनुसार स्टेशन पर लगे एटीएम से संबंधित बैंकों ने किराए का समय पर भुगतान नहीं किया था। इस कारण उनका बकाया लाखों रुपये में पहुंच गया। मजबूरन रेलवे को एटीएम पर सील लगाकर इन्हें बंद करना पड़ा। इसके बाद कुछ बैंकों के साथ मंत्रणा हुई और उन्होंने लंबित किराया भी जमा कराया। लेकिन एटीएम की सुविधा शुरू नहीं हो पाई।
प्रयास जारी हैं...
स्टेशन पर एटीएम को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। संबंधित बैंकों से भी पत्राचार किया जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही समस्या का समाधान हो जाएगा। यात्रियों को पहले की तरह एटीएम सुविधा मिलने लगेगी।
-हरि मोहन, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।