रमाकांत अत्री
मुलाना। गेहूं की फसल कटाई का सीजन जोरों पर है। मुलाना और बराड़ा क्षेत्र में किसान भय के माहौल में 70 प्रतिशत तक फसल कटवा चुके हैं। किसानों की चिंता अभी खत्म नहीं हुई है। कारण है, फायर ब्रिगेड की गाड़ी। प्रशासन ने बराड़ा व मुलाना क्षेत्र में अब तक आगजनी की घटना से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की गाड़ी नहीं भेजी गई है।
किसानों का कहना है कि प्रशासन की ओर से हर वर्ष गेहूं कटाई के सीजन के दौरान मुलाना में अस्थाई तौर पर फायर ब्रिगेड की गाड़ी भेजी जाती थी ताकि समय रहते आगजनी की घटनाओं पर तुरंत काबू पाया जा सके। इस बार प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही किसानों को भारी पड़ सकती है। उनका कहना है कि क्षेत्र में फायर ब्रिगेड की गाड़ी खड़ी हो तो समय से आगजनी रोकी जा सकती है। अंबाला से आने में ज्यादा समय लगता है। इस कारण आग से ज्यादा नुकसान होने की संभावना बढ़ जाती है।
प्रशासन गाड़ी खड़ी कराए
गेहूं की कटाई का सीजन करीब बीतने की ओर है। क्षेत्र में किसानों ने काफी फसल काट ली है। अभी तक प्रशासन द्वारा फायर ब्रिगेड की गाड़ी की सुविधा उपलब्ध नहीं करवाई गई है। प्रशासन को मुलाना में फायर ब्रिगेड की गाड़ी जल्द ही खड़ी करवानी चाहिए ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
- महिंद्र सिंह, किसान, जमाल माजरा।
आग पर काबू पाना असंभव
यदि सीजन में कहीं पर आगजनी की घटना होती है तो अंबाला से फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंचने में काफी समय लगता है। जिससे फसल में लगी आग पर समय रहते काबू पाना संभव नहीं हो पाता। जबकि फायर ब्रिगेड की गाड़ी यदि मुलाना में उपलब्ध हो तो समय कम लगेगा।
- रामचंद्र सैनी, किसान, धीन।
एक गाड़ी खड़ी होती थी
हर वर्ष गेहूं की कटाई के सीजन में फायर ब्रिगेड की एक गाड़ी मुलाना में खड़ी की जाती थी जोकि पर्याप्त नहीं है। मुलाना व बराड़ा के गांवों की संख्या सौ के करीब हैं। जब फायर ब्रिगेड की गाड़ी घटना स्थल पर पहुंचती है तब तक फसल में लगी आग काफी हद तक तांडव कर चुकी होती है।
- सुरेंद्र सिंह, किसान, कांसेपुर।
अभी मुलाना में फायर ब्रिगेड की गाड़ी भेजने के आदेश नहीं हुए हैं। जैसे ही आदेश प्राप्त होंगे, मुलाना में गाड़ी की व्यवस्था कर दी जाएगी।
-टीआर पालीवाल, फायर स्टेशन आफिसर।