संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कैंट नागरिक अस्पताल के प्रसूति विभाग में 24 घंटे महिला रोग विशेषज्ञ की उपस्थिति न होने पर व्यवस्था चरमराई हुई है।
एक ओर महिला मरीज को परेशानी झेलनी पड़ती है, वहीं वार्ड में तैनात नर्सिंग ऑफिसर के लिए बिना डॉक्टर के काम करना चुनौती बन गया है। इसको लेकर नर्सिंग ऑफिसर ने एकजुट होकर विभाग के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया है।
अपनी समस्याओं को लेकर एक ज्ञापन एनएचएम के डायरेक्टर, सिविल सर्जन अंबाला व पीएमओ अंबाला कैंट को सौंप दिया। उनका कहना है कि 24 घंटे डॉक्टर न होने पर वह कोई निर्णय नहीं ले सके। कोई गंभीर मरीज आ जाता है तो ऑनकॉल डॉक्टर फोन पर ही उपचार देकर पल्ला झाड़ लेते हैं, जबकि मरीजों को सामना करना उन्हें पड़ता है।
नर्सिंग ऑफिसर ने यह रखी अपनी समस्याएं : बिना डॉक्टर के वह गर्भवती महिला को कोई भी उपचार व सुझाव नहीं दे सकते हैं, इसलिए वार्ड में 24 घंटे महिला रोग विशेषज्ञ की तैनाती होनी चाहिए। नर्सिंग ऑफिसर ऑनकॉल डॉक्टर से मरीजों को ब्लड, आयरन सुफोरस, बीटी चढ़ाने के लिए बोलते हैं तो वो उन्हें फोन पर ही उपचार लिखवा देते हैं, ऐसे में मरीज को अगर कोई परेशानी हो जाती है तो उसके जिम्मेदार नर्सिंग ऑफिसर को ठहराया जाता है।
नॉर्मल डिलीवरी भी नर्सिंग ऑफिसर नहीं कर सकती है, अगर डॉक्टर की अनुपस्थिति में नार्मल डिलीवरी के दौरान मरीज को कोई दौरा, पीपीएच व एठन पड़ जाती है तो डॉक्टर को अस्पताल आने में समय लग जाता है।
ऐसे में मरीज के साथ कोई अनहोनी होती है तो सारी जिम्मेदारी नर्सिंग ऑफिसर पर डाली दी जाती है। वार्ड में गर्भवती महिला को दाखिल करने से पहले मरीज की फाइल बनवा ली जाती है और उस पर मरीज को डिलीवरी के दौरान होने वाले जोखिम के बारे में बताते हुए हस्ताक्षर करवाए जाते हैं। इस पर भी मरीज तराज जताते हैं कि बिना डॉक्टर के कैसे हस्ताक्षर करवा रहे हैं।
डॉक्टर की गैरमौजूदगी में गंभीर मरीज को फोन पर ही रेफर करने के लिए बोल दिया जाता है। मरीज व तीमारदार को लगता है कि वो अपने स्तर पर रेफर कर रहे हैं। इसका भी समाधान हो।