(अंबाला) नारायणगढ़। पांच लाख रुपये में खुद को बेचने के आरोप लगाने के मामले में पीड़ित नाबालिग के बयान शुक्रवार को कोर्ट में दर्ज किए गए। कोर्ट में पीड़िता ने पुलिस द्वारा पेश की गई शिकायत पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह दर्खास्त मैंने नहीं लिखी थी। यह तो उस समय जो महिला थाना प्रभारी थी उनके कहने के बाद एक महिला पुलिस कर्मी ने लिखी थी उन्हें मैं देखकर पहचान सकती हूं। पीड़िता ने कहा कि इस शिकायत में तो उसके पिता को आरोपी बताया गया है जबकि उनका तो इस मामले से कोई लेना-देेना ही नहीं है।
पीड़िता ने यह भी बयान दिए कि इस मामले में उसने 5 अगस्त को सीएम विंडो पर भी शिकायत डाली थी लेकिन पुलिस ने उसके आधार पर भी कोई कार्रवाई नहीं की। मेरे वही बयान माने जाएं। पीड़िता के इस बयान के बाद महिला थाना पुलिस बैकफुट पर आ गई और अब 15 दिन बाद पुलिस ने पोक्सो एक्ट के साथ धारा 10 चाइल्ड मैरिज एक्ट जोड़कर केस दर्ज कर दिया है।
क्या है मामला
पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत मेें आरोप लगाए थे कि उसकी सौतेली बुआ व दादी ने बिचौलिए के साथ मिलकर उसे 5 लाख रुपये में शादी के बहाने रोपड़ के व्यक्ति को बेच दिया। वहां उसके साथ दो माह दुष्कर्म किया गया। वहां भी उसे बेचने की तैयारी कर ली गई थी। उसके कथित पति, ससुर व सास ने खूब मारा। वहां से बचकर भागी और महिला थाने में शिकायत दी लेकिन पुलिस ने आरोपियों से 2.5 लाख रुपये लेकर केस दर्ज नहीं किया। उधर रोपड़ पुलिस ने उस पर आरोपियों के कहने के बाद 20 लाख रुपये लेकर भागने के आरोप लगा दिए हैं। पुलिस ने पूरे केस में उसे नाबालिग तक नहीं लिखा जबकि उसकी उम्र स्कूली कागजों के अनुसार 14 साल है।
पीड़िता के बयान के बाद अब हमने उसकी पहली शिकायत और गुमशुदगी के मामले में धारा 10 चाइल्ड मैरिज एक्ट और पोक्सो एक्ट की धाराएं जोड़कर केस दर्ज कर लिया है।
-बिमला देवी, महिला थाना प्रभारी नारायणगढ़।