माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। बसपा के प्रदेश सचिव व अधिवक्ता हरबिलास रज्जूमाजरा की हत्या के मामले में आरोपी साहिल ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में जमानत याचिका लगाई।
इस पर न्यायमूर्ति संजय वशिष्ठ की अदालत ने अभियोजन पक्ष और निचली अदालत को निर्देश दिया है कि मामले के चश्मदीद गवाहों और अन्य महत्वपूर्ण गवाहों के बयान प्राथमिकता के आधार पर दर्ज किए जाएं। सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि शिकायतकर्ता सुदर्शन और घायल चश्मदीद पुनीत डांग उर्फ चुन्नू सहित नरेंद्र सिंह, अमरीक सिंह, अमित कुमार और सुमित कुमार जैसे मुख्य गवाहों के बयान अभी दर्ज होने बाकी हैं।
अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अगर गवाहों के बयान दर्ज करने के निर्देश का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर स्थिति स्पष्ट करनी होगी। अभियोजन पक्ष के अनुसार इस मामले में किराए पर लिए गए शूटरों में सागर (जिसकी पुलिस मुठभेड़ में मृत्यु हो चुकी है), शिवम उर्फ गंजा, गगन, विक्की मलिक और ड्राइवर राजन शामिल हैं। मामले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक वेंकट गर्ग, अभी भी कानून की पकड़ से बाहर है और फरार चल रहा है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि निचली अदालत में गवाहों के बयान दर्ज करने के लिए 9 फरवरी 2026 की तारीख तय की गई है, इसके मद्देनजर उच्च न्यायालय ने अगली सुनवाई 9 मार्च तक कार्यवाही स्थगित कर दी है।