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Ambala News: दूषित पानी पीने से हुई थी बच्ची की मौत, अब भी हर घर में मरीज

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नाले से गुजर रही पाइप लाइन। संवाद
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जनस्वास्थ्य विभाग ने कहा- कश्यप मुहल्ले में गली में पुराने बंद पड़े कनेक्शन पाइप से गंदा पानी घरों तक पहुंचा
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संवाद न्यूज एजेंसी
शहजादपुर। कश्यप मुहल्ले की एक गली में गंदे पानी की आपूर्ति से पीलिया के लक्षण जैसी बीमारी फैली है है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, लगभग 20 घरों वाली इस गली के लगभग हर घर में पीलिया जैसे लक्षणों के मरीज हैं। कई परिवारों में तो सभी बच्चे इस बीमारी की चपेट में आ चुके हैं। वहीं एक बच्ची की मौत के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है। यह बच्ची उल्टी-दस्त की शिकायत पर करीब 20 दिन से चंडीगढ़ पीजीआई में भर्ती थी। हालांकि स्वास्थ्य विभाग ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गली में गड्ढा खोदकर एक पुराने बंद पड़े कनेक्शन पाइप को बंद किया है। इसी पाइप से गंदा पानी पेयजल आपूर्ति में मिल रहा था। वहीं कुछ लोग सरकारी तो कुछ लोग निजी अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। लोगों को उल्टी दस्त जैसी समस्याएं हो रही हैं। इसके बाद कमजोरी से उनका खड़े होना भी मुश्किल हो जाता है। लोगों का कहना है कि यह समस्या 20 दिनों से क्षेत्र में देखने को मिल रही है। बच्ची की मौत की जानकारी जैसे ही स्वास्थ्य विभाग और जनस्वास्थ्य विभाग को चली, वह पानी की जांच करने पहुंच गए। इसके साथ ही स्वास्थ्य कैंप लगाकर लोगों को दवाएं भी वितरित की हैं।
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पीड़ित परिवारों का दर्द
पीड़ित संजीव कुमार ने बताया कि नलों में बदबूदार व पीले रंग का गंदा पानी आ रहा था, जिससे उनका बेटा 10 दिनों तक बीमार रहा। अब उसकी हालत ठीक है। मगर उसके शरीर में काफी कमजोरी आ गई है। इससे पहले दूषित पानी की समस्या पर किसी ने भी ध्यान नहीं दिया।
स्थानीय निवासी रजनी और जसविंदर ने बताया कि जून की शुरुआत से ही घर में बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। जसविंदर की बड़ी बेटी को 15 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था। इसके बाद उनकी अन्य दो बेटियां भी पीलिया ग्रस्त हो गईं। रजनी के भी तीनों बच्चे बीमार पड़े।
पिंकी नाम की महिला ने बताया कि उनका चार साल का बेटा और छुट्टियों में आई भांजी भी पीलिया से पीड़ित हो गई। स्थानीय निवासी राजपाल ने आरोप लगाया कि इलाके की नालियां गंदगी से भरी पड़ी हैं और सफाई कर्मी अपनी मनमर्जी से आते हैं।
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सैंपलों की रिपोर्ट का इंतजार
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और जनस्वास्थ्य विभाग की टीमें जांच के लिए पहुंचीं। स्वास्थ्य विभाग से डॉ. सुनील हरि ने बताया कि क्षेत्र में टीम ने पानी के सैंपल लिए हैं, जिसकी रिपोर्ट आना बाकी है। वहीं पानी के टैंकरों की व्यवस्था भी की दी गई है। लाेगों से सप्लाई का पानी बिल्कुल भी न पीने को कहा गया है। इसके साथ ही लोगों को दवाएं भी दी जा रही हैं। जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि गली में गड्ढा खोदकर एक पुराने बंद पड़े कनेक्शन पाइप को बंद किया है। इसी पाइप से गंदा पानी पेयजल आपूर्ति में मिल रहा था। इसके कारण लोगों ने दूषित पानी का सेवन किया। हम लगातार अभियान चलाकर ऐसे पुराने पाइपों को बदलवा भी रहे हैं।

नाले से गुजर रही पाइप लाइन। संवाद

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