संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। शहर के नागरिक अस्पताल में ट्रामा सेंटर में 23 नवंबर को किशोर कर्तव्य की मौत के बाद परिजनों द्वारा तोड़फोड़ करने व डॉक्टरों को धमकाने का मामला सुलझ गया है।
अस्पताल प्रबंधन की तरफ से मामला एसपी अंबाला तक पहुंचने के बाद तोड़फोड़ करने वाले परिजनों ने माफी मांगकर पीछा छुड़वाया है। वीरवार को ट्रामा सेंटर में ड्यूटी डॉक्टर वंशिका से मृतक के परिजनों में शामिल महिलाओं व पुरुष ने हाथ जोड़कर व लिखित दोनों में माफी मांगी।
बता दें कि 23 नवंबर को बेसुध हालत में परिजन कर्तव्य को लेकर ट्रामा सेंटर में लेकर पहुंचे थे। डॉक्टर वंशिका ने प्राथमिक जांच के बाद मृत घोषित कर दिया था। इसके बाद ही एकजुट हुए परिजनों ने जमकर हंगामा किया था। यहां तक कि कंप्यूटर, प्रिंटर आदि सामान भी गिरा दिया था। ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर को भी धमकाया था। मामला बिगड़ते देखकर ड्यूटी डॉक्टर ने ट्रामा सेंटर के आपातकालीन द्वार से भागकर खुद को सुरक्षित किया था। हालांकि बाद में बलदेव नगर थाना पुलिस ने आकर मामले को शांत करवा दिया था।
24 नवंबर को फंदा लगाकर आत्महत्या करने वाले किशोर का पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया था। मामला डॉक्टर की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण अस्पताल प्रबंधन ने संज्ञान लेते हुए अंबाला एसपी को मामले की शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की थी।