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मंगलई में दो समुदायों में तनाव, काटा बवाल

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अंबाला सिटी। गांव मंगलई में बीते दिनों हुए झगड़े के कारण दो समुदायों में तनाव की स्थिति गहराती जा रही है। मंगलवार को दोनों समुदाय के लोग पुलिस अधिकारियों के कार्यालय पहुंचे। वहां कार्रवाई की मांग को लेकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। दलित समुदाय के लोग अंबाला एसपी कार्यालय पहुंचे तो दूसरे समुदाय के लोग अंबाला कैंट डीएसपी कार्यालय पहुंचे। जहां दोनों पक्षों ने कार्रवाई की मांग की है। कार्रवाई को लेकर दोनों समुदाय आमने सामने आ चुके हैं।
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जानकारी के अनुसार पुलिस ने तनाव को खत्म करने के लिए दोनों समुदायों के कुछ लोगों पर विभिन्न धाराओं के तरह मामला दर्ज किया था। अब आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर दोनों समुदायों के लोग पुलिस पर दबाव बना रहे हैं। दोनों ही पक्षों की ओर से आरोपियों की गिरफ्तारी व सही कार्रवाई न होने की सूरत में आंदोलन तेज करने की चेतावनी भी दी जा चुकी है।
गांव मंगलई के राकेश ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह दलित समुदाय से ताल्लुक रखता है और किरयाने की दुकानों पर सामान सप्लाई करता है। एक मई को किसी बात को लेकर उसके बेटे अमित कुमार की लड़ाई दूसरे समुदाय के अमित कुमार से हो गई थी। इस पर दूसरे समुदाय के युवक ने महेशनगर पुलिस को शिकायत देकर उसके बेटे के खिलाफ मामला दर्ज करवा दिया था। इसके बाद दूसरे समुदाय के लोग उससे रंजिश रखने लगे। 24 मई को वह कार में सवार होकर केशोपुर गांव में किरयाने का सामान सप्लाई करने जा रहा था। इस दौरान बीच रास्ते में चार से पांच गाड़ियों व कुछ युवक मोटरसाइकिलों पर सवार युवक खड़े थे।
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जैसे ही वह उनके नजदीक पहुंचा तो उसकी गाड़ी पर सभी ने मिलकर हमला बोल दिया। पुलिस ने उनकी शिकायत पर एससीएसटी एक्ट के तहत हत्या के प्रयास समेत कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर दिया था। बहरहाल, पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। एसपी कार्यालय में प्रदर्शनकारियों की अगुवाई कर रहे रिंकू मटहेड़ी ने बताया कि दूसरे आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं जोकि आए दिन उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पुलिस ने जांच के दौरान इस मामले में हत्या के प्रयास की धारा हटा दी है।
कुत्ता खुला छोड़ने पर हुआ था विवाद
दूसरे समुदाय के लोग अंबाला कैंट डीएसपी कार्यालय पहुंचे। जहां महिपाल ने बताया कि दूसरे समुदाय की ओर से पिटबुल कुत्ता खुला छोड़ा हुआ था। उस कुत्ते ने उनकी बेटी की टांग पर काट लिया था। इस दौरान दूसरी बेटी कुत्ते से डर गई। डर की वजह से वह नीचे गिरी तो उसकी टांग में फैक्चर आ गया। उसके बाद कुत्ते के मालिक को कुत्ता खुला न छोड़ने के बारे में कहा गया, लेकिन अगले दिन कुत्ता उस युवती के घर के बाहर बांध दिया गया जिसको उसने काटा था। महिपाल ने बताया कि उनके समुदाय के अमित पर भी हमला किया गया था। दूसरी ओर पुलिस ने मामले में एससीएसटी एक्ट गलत लगाया है। पुलिस ने मामले में हत्या के प्रयास की धारा भी हटा दी है।
दोनों समुदायों के लोगों से शांति रखने की अपील
मामले में पुलिस के आलाधिकारी दोनों समुदायों से शांति रखने की अपील कर रहे हैं। सुरेश दलाल थाना प्रभारी महेशनगर ने बताया कि मामले में निष्पक्ष जांच की जा रही है, लेेकिन दोनों समुदाय के लोग कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। पुलिस की ओर से पुख्ता सबूत जुटाए जा रहे हैं। पुलिस किसी भी समुदाय के पक्ष में काम नहीं कर रही है। इस मामले में जो भी आरोपी पाया जाएगा, उसकी गिरफ्तारी तुरंत की जाएगी।
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