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Ambala News: बवेजा अस्पताल में टीम ने दी दबिश, अल्ट्रासाउंड रिकॉर्ड में खामी पर थमाया नोटिस

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- एफ-फॉर्म में मिली खामियां, जिला नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश ने 7 दिन में मांगा जवाब, सीएचसी शहजादपुर का भी किया निरीक्षण, रेफरल कार्ड पर डॉक्टरों की स्टैंप लगाने के दिए निर्देश
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संवाद न्यूज एजेंसी
शहजादपुर। कन्या भ्रूण हत्या रोकने और पीएनडीटी एक्ट को सख्ती से लागू करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बुधवार को शहजादपुर में बड़ी कार्रवाई की। पीएनडीटी के जिला नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश ने अपनी टीम के साथ शहजादपुर स्थित बवेजा अस्पताल यानी महिला रोग विशेषज्ञ केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के अल्ट्रासाउंड रिकॉर्ड यानी एफ-फार्म में गंभीर खामियां पाई गईं, जिस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए नोडल अधिकारी ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस थमाकर सात दिन के भीतर जवाब तलब किया है।


एफ-फॉर्म में स्पष्ट नहीं था अल्ट्रासाउंड लिखने वाले डॉक्टर का नाम

जिला नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश बुधवार को अचानक बवेजा अस्पताल पहुंचे और वहां के पीएनडीटी रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की। जांच के दौरान गर्भवती महिलाओं के अल्ट्रासाउंड से पहले भरे जाने वाले अनिवार्य एफ-फार्म के रिकॉर्ड में भारी कमियां पाई गईं। नियमों की अनदेखी मिलने पर टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अस्पताल संचालक को नोटिस जारी किया। बड़ी लापरवाही यह थी कि वहां मिले रिकॉर्ड पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शहजादपुर से महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए रेफर तो किया गया था, लेकिन उस पर रेफर करने वाले सरकारी डॉक्टर का नाम और हस्ताक्षर स्पष्ट नहीं थे।
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डॉक्टरों की स्टैंप बनवाने के दिए निर्देश
जिला नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश ने सीएचसी शहजादपुर के अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी डॉक्टरों की नाम वाली स्टैंप अनिवार्य रूप से बनवाई जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्ड पर रेफर करने वाले डॉक्टर का नाम, पद और पूरी डिटेल साफ-साफ अंकित होनी चाहिए ताकि किसी भी स्तर पर रिकॉर्ड में पारदर्शिता बनी रहे। स्वास्थ्य विभाग की इस औचक कार्रवाई से क्षेत्र के निजी अस्पताल संचालकों में अफरा-तफरी मच गई।
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