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सुपरवाइजर रिश्वतखोरी प्रकरण: विजिलेंस की जांच में तीन और नाम आए सामने

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अंबाला सिटी। वन विभाग में सुरक्षा गार्ड लगाने के लिए 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए नरेंद्र ने पूछताछ में तीन और लोगों के नाम बताए हैं। विजिलेंस टीम उन्हें जल्द पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को नागरिक अस्पताल से पकड़े गए सुपरवाइजर नरेंद्र को वीरवार को कोर्ट में पेश किया गया।
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जांच टीम ने पूछताछ पूरी होने की बात कही, पुलिस रिमांड नहीं मांगा। अदालत ने 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए। जानकारी के अनुसार नरेंद्र ने पूछताछ में बताया गुरजीत की उससे मुलाकात हुई थी, जोकि नौकरी चाहता था। इस डील को सिरे चढ़ाने के लिए उसने गुरुराज, गुरुराज ने राजपाल और राजपाल ने कंपनी में बातचीत की थी। सौदा 75 हजार रुपये में तय हुआ था और यह रुपये सभी में बंटने थे।
यह हुई थी घटना
कंगवाल निवासी गुरदीप ने बताया कि डील के अनुसार पहले 10 हजार रुपये देने थे। नौकरी लगने के बाद बकाया राशि दी जानी थी। गुरदीप ने सीआईडी के माध्यम से विजिलेंस में शिकायत दी थी। अधिकारियों के आदेश मिलते ही छापामारी के लिए टीम गठित की गई। गुरदीप को पाउडर लगे नोट देकर देने के लिए भेजा गया। जिला नागरिक अस्पताल के मैनीफोल्ड विभाग में ड्यूटी पर तैनात सुपरवाइजर नरेंद्र को उसने जैसे ही पैसे थमाए, टीम ने छापा मारकर उसे धर लिया था। हाथ धुलवाए तो पानी लाल हो गया था।
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पूछताछ में नरेंद्र ने तीन अन्य लोगों के डील में शामिल होने के बारे में बताया है, जिनमें गुरुराज, राजपाल और कंपनी कर्मी के नाम सामने आए हैं। इन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। मुख्य आरोपी नरेंद्र को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले की तफ्तीश जारी है।
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- ओम प्रकाश, डीएसपी, विजिलेंस अंबाला।
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