अंबाला। चंडीगढ़ से नई दिल्ली जा रही शताब्दी पर पत्थरबाजी हो गई। घटना ट्रेन के चंडीगढ़ रेलवे स्टेशन के निकलने के कुछ देर बाद घग्गर नदी के पुल के पास हुई। यात्री की शिकायत पर तुरंत ट्रेन में तैनात आरपीएफ कर्मचारी सतर्क हो गए और मामले की जानकारी कंट्रोल के माध्यम से कैंट रेलवे स्टेशन पर विभागीय अधिकारियों को दी गई।
ट्रेन जैसे ही स्टेशन पर पहुंची तो कोच में पहुंचकर शीशे को टेप से जोड़ गया, हालांकि इस दौरान एक यात्री को टीटीई ने दूसरी सीट पर शिफ्ट कर दिया था। कुछ देर के ठहराव के बाद ट्रेन नई दिल्ली की तरफ रवाना हो गई। वहीं आरपीएफ ने भी मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई आरंभ कर दी है।
सी-एक कोच की घटना
ट्रेन नंबर 12046 चंडीगढ़-नई दिल्ली शताब्दी रविवार दोपहर लगभग 12 बजे चंडीगढ़ स्टेशन से रवाना हुई थी। लगभग 10 मिनट बाद ही किसी अज्ञात ने सी-एक कोच पर पत्थर मार दिया जोकि सीट नंबर एक और दो के नजदीक शीशे पर लगा। अचानक जोरदार धमाके की आवाज सुनकर सीट नंबर एक और दो पर बैठे यात्री सहम गए और उन्होंने मामले की जानकारी रेल कर्मचारियों को दी।
पहले भी सामने आए कई मामले
चंडीगढ़ और कालका शताब्दी पर पत्थरबाजी का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी दो से तीन बार शताब्दी पर पत्थरबाजी हो चुकी है। गनीमत यह रही कि किसी यात्री को गंभीर चोट नहीं लगी। इन घटनाओं को रोकने के लिए आरपीएफ द्वारा लगातार अभियान भी चलाए जाते हैं, बावजूद कुछ शरारती तत्व अपनी हरकतों से दूसरों के लिए परेशानी का खड़ी कर देते हैं और इसका खामियाजा भोले-भाले यात्रियों सहित रेलवे को भुगतना पड़ता है।
वर्जन
मामला संज्ञान में आया था। अंबाला कैंट स्टेशन पर टूटे हुए हिस्से पर टैप लगा दी गई थी। नई दिल्ली पहुंचने के बाद शीशे को बदलने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं पत्थरबाजी को लेकर आरपीएफ अपने स्तर पर जांच कर रही है।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला।