नगर निगम द्वारा की गई सीलिंग का असर अब नजर आने लगा है। सीलिंग के नोटिस और कार्रवाई के डर से लोगों ने जुलाई माह निगम में करीब 80 लाख रुपये जमा करवाए। जुलाई में अभी तक करीब 50 लाख रुपये बतौर संपत्ति कर जमा हुए। किराया शाखा की बात करें तो जुलाई में करीब 28 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हो चुका है। इस तरह लाइसेंस ब्रांच से कुछ ही दिनों में करीब सवा 2 लाख की राशि निगम में लोगों द्वारा जमा करवा दी गई है। संपत्ति कर को लेकर नगर निगम ने सख्ती दिखाते हुए 15 दिन में कुल सात संपत्तियों पर सील जड़ दी थी। जिनमें से पांच लोगों ने संपत्ति कर चुका कर अपनी संपत्ति मुक्त कर ली है, जबकि दो पर नगर निगम का कब्जा अभी बरकरार है।
दीवालियों पर शुरू की गई कार्रवाई आगे भी इसी तरह से जारी रहेगी। लोगों से आह्वान है कि खुद आगे आकर कर की राशि जमा करवाएं, वरना टीम को मजबूरन संपत्ति सील करनी पड़ेगी।
-धीरेंद्र खडगटा, निगम आयुक्त