अंबाला सिटी। गांव दुबली में संत माईचंद महाराज की अगुवाई में संत सम्मेलन आयोजित किया गया। इसमें महामंडलेश्वर एडवोकेट सतगुरु स्वामी ज्ञान नाथ महाराज ने कहा कि आत्म ज्ञान और ध्यान से ही मोक्ष मुक्ति संभव है।
उन्होंने कहा कि ज्ञान और ध्यान आत्मा की दो दिव्य शक्तियां हैं, जबकि इच्छाएं ही भ्रम और बंधन का मुख्य कारण हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि त्याग के बिना वैराग्य, वैराग्य के बिना ज्ञान, ज्ञान के बिना ध्यान और ध्यान के बिना मुक्ति नहीं मिल सकती। स्वामी जी ने मनुष्य जीवन को सार्थक बनाने के लिए बाहरी कर्मकांडों और सांसारिक मोह-माया को छोड़कर अंतर्मुखी होने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि शांत और मौन स्थिति में ही आत्मा की आभा प्रकट होती है। इस अवसर पर संत माईचंद महाराज व प्रबंधकों ने स्वामी जी को शाल व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। सम्मेलन के बाद अटूट भंडारा भी बरताया गया।