(अंबाला)शहजादपुर। बनोंदि चीनी मिल में कार्यरत सेल्स मैनेजर सुधांशु भारद्वाज ने मंगलवार को पंखे में फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे थाना प्रभारी शहजादपुर जसवंत सिंह व सीन ऑफ क्राइम की टीम ने तथ्य जुटाते हुए शव को कब्जे में लेकर नारायणगढ़ अस्पताल पहुंचाया, जहां शाम के समय पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। उसके पास से सुसाइट नोट मिला, हालांकि सुसाइड नोट में आत्महत्या का कोई भी कारण स्पष्ट नहीं है, फिर पुलिस ने सुसाइड नोट व अन्य तथ्यों को आधार बनाकर जांच शुरू कर दी है।
मंगलवार सुबह के समय शहजादपुर पुलिस को सूचना मिली कि नारायणगढ़ चीनी मिल बनोंदि में कार्यरत एक व्यक्ति ने अपने क्वार्टर में छत के पंखे पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी शहजादपुर जसवंत सिंह तुरंत मौके पर पहुंचे। मिल के एक क्वार्टर में एक व्यक्ति छत के पंखे पर लटका हुआ है, जिसकी मृत्यु हो चुकी थी और उसके मुंह से खून निकला हुआ था। पुलिस को मृतक का नाम सुधांशु भारद्वाज पता चला जोकि पिछले लगभग 25 वर्ष से चीनी मिल में सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत था। पुलिस ने घटनास्थल से तथ्य जुटाए और मृतक के पहने हुए कपड़ों की तलाशी ली तो उनमें से एक सुसाइड नोट पुलिस को बरामद हुआ। पुलिस ने मिल के कर्मचारियों से पूछताछ की परंतु कोई भी ऐसा कोई कारण सामने नहीं आया जिससे यह पता चल सके कि सुधांशु ने आत्महत्या क्यों की है।
थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि मृतक लगभग 25 साल से चीनी मिल में कार्यरत था। उन्होंने बताया कि मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें आत्महत्या का कोई भी कारण स्पष्ट नहीं है, क्योंकि उसमें मृतक ने किसी भी व्यक्ति पर कोई भी आरोप नहीं लगाया है। थाना प्रभारी ने बताया फिलहाल शव को नागरिक अस्पताल नारायणगढ़ के शवगृह में रखवा दिया है। मृतक के परिजनों के आने पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने बताया कि मृतक की जेब से मिले सुसाइड नोट की भी जांच करवाई जाएगी।
जानकारी अनुसार लगभग 56 वर्षीय मृतक सुधांशु भारद्वाज मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला था। मृतक की पत्नी का लगभग तीन चार महीने पहले कोरोना से मृत्यु हो गई थी। तभी से अकेले ही चीनी मिल में रह रहा था। बताया जा रहा है कि सुधांशु सुबह 9 बजे अपने ऑफिस में पहुंच जाता था परंतु मंगलवार को जब वह दस बजे तक भी अपने ऑफिस नही पहुंचा तो उसे उनके क्वार्टर में देखने मिल का कर्मचारी पहुंचा। उसे दरवाजा बंद मिला जब दरवाजे पर हाथ लगाया तो वह खुला था। मिल कर्मचारी ने जब अंदर देखा तो सुधांशु कमरे में पंखे से लटका हुआ था, जिसकी सूचना उसने तुरंत मिल प्रशासन को दी।