अंबाला। ट्रेनों में छूटे और गुम हुए सामान को ढूंढने में आरपीएफ की विशेष टीम काफी कारगर साबित हो रही है। पिछले छह माह में टीम ने लगभग 20 लाख रुपये का बहुमूल्य सामान ढूंढकर यात्रियों के सुपुर्द किया है। इसमें लैपटॉप सहित गहने व नकदी शामिल है।
आरपीएफ के अंबाला छावनी स्टेशन प्रभारी रविंदर सिंह ने बताया कि कंट्रोल से संंदेश मिलने के बाद ट्रेन की लोकेशन देखी जाती है। इसके बाद ट्रेन के आने से पहले ही टीम को प्लेटफार्म पर तैनात कर दिया जाता है ताकि यात्री के छूटे सामान को कोई अन्य न उतारकर ले जाए। इस संबंध में कई बार ट्रेन में तैनात टीटीई की भी मदद ली जाती है। संवाद
सोने के गहने लौटाए
ट्रेन नंबर 11057 अमृतसर एक्सप्रेस में सफर कर रही महिला का बैग कोच में रह गया। महिला आगरा कैंट से शाहबाद तक सफर कर रही थी। शाहबाद स्टेशन पर उतरते समय महिला अपना बैग भूल गई। इसमें पांच हजार रुपये नकद, आधार कार्ड व दो सोने की अंगूठियां, एक जोड़ी सोने के टॉप्स थे। आरपीएफ पोस्ट पर जैसे ही इसकी जानकारी मिली तो कोच में जाकर महिला का सामान ढूंढ लिया गया। सामान की कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपये थी जोकि महिला के भाई संदीप के सुपुर्द किया गया।
वंदे भारत एक्सप्रेस से ढूंढा लैपटॉप
गुरुग्राम निवासी आदित्य सत्यम ने रेलवे कंट्रोल पर संदेश दिया कि वो नई दिल्ली से कटरा के बीच चलने वाली ट्रेन नंबर 22477 में अपना बैग भूल गया है। बैग में एप्पल कंपनी का लैपटॉप, एप्पल कंपनी का आईपैड, चार्जर व अन्य सामान है। आरपीएफ तक जानकारी पहुंचते ही प्लेटफार्म पर टीम को तैनात किया गया और ट्रेन के पहुंचते ही छानबीन करके कोच से लैपटॉप ढूंढ लिया गया। लैपटॉप की कीमत लगभग एक लाख रुपये थी। यह लैपटॉप सिटी निवासी सुखदेव सिंह के सुपुर्द कर दिया गया।
हावड़ा मेल से ढूंढा बैग
रेलवे के कंट्रोल पर यमुनानगर निवासी कर्म सिंह ने मदद की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी मनमीत कौर का ट्रेन नंबर 13005 हावड़ा मेल में बैग छूट गया है। वो हावड़ा से यमुनानगर तक यात्रा कर रही थी। यमुनानगर स्टेशन पर उतरते समय वो अपना पिट्टू बैग कोच में ही भूल गई। ट्रेन के अंबाला पहुंचने पर आरपीएफ ने बैग ढूंढ निकाला। बैग में एचपी कंपनी का लैपटॉप सहित अन्य सामान था। पूरे सामान की कीमत लगभग एक लाख 25 हजार रुपये थी।