अंबाला। अफीम की तस्करी के मामले में डेढ़ माह बाद जीआरपी ने झारखंड से दूसरे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान 24 वर्षीय पप्पू कुमार डांगी के रूप में हुई है। आरोपी को सोमवार कोर्ट में पेश किया जाएगा।
जीआरपी प्रभारी जोगिंदर सिंह ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार छापा मारी की जा रही थी। इस दौरान टीम को सूचना मिली थी कि वो झारखंड के राजपुर गांव में रुका हुआ है। सूचना के बाद सहायक उप निरीक्षक करण सिंह की अगुवाई में एक टीम को झारखंड भेजा गया। टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर आरोपी के ठिकाने पर दबिश दी और उसे पकड़ लिया।
हालांकि आरोपी के परिजनों ने हल्का विरोध भी किया, बावजूद इसके आरोपी को जीआरपी ने नहीं छोड़ा। इसके बाद आरोपी को स्थानीय कोर्ट में पेश करके अंबाला लाया गया। प्राथमिक पूछताछ में आरोपी पप्पू डांगी ने बताया कि उनके नजदीकी नक्सल क्षेत्रों में अफीम की खेती होती है। इस काम से कई युवा जुड़े हुए हैं जो देश के अलग-अलग कोने में यहां से अफीम लेकर सप्लाई करते हैं। वो भी पंजाब में सप्लाई देने के लिए भाई के साथ अंबाला आया था। इस दौरान उसका भाई पकड़ा गया, लेकिन वो बच निकला था।
मामला 21 मई का है। जीआरपी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि झारखंड से आया एक तस्कर प्लेटफार्म 1-ए पर बैठा है जोकि पंजाब की तरफ जाने वाली ट्रेन का इंतजार कर रहा है। उसके साथ एक अन्य व्यक्ति भी है। टीम ने जब मौके पर पहुंच छापामारी की तो विरेंद्र डांगी नामक आरोपी को पकड़ लिया, हालांकि इस दौरान उसका भाई पप्पू डांगी फरार हो गया। जब टीम ने विरेंद्र डांगी के पास रखे पिट्ठू बैग की तलाशी ली तो इसके अंदर रखे तीन पैकेट में काले रंग का पदार्थ तरल अवस्था में नजर आया जोकि जांच के बाद अफीम होना पाया गया। तीनों पैक्ट का वजन करने पर तीन किलो 25 ग्राम अफीम बरामद हुई। अफीम की कीमत आठ लाख 12 हजार 500 रुपये आंकी गई थी।