अंबाला। पिहोवा में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध चार दिवसीय बैसाखी मेले को लेकर परिवहन विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी है, 16 से 19 मार्च तक चलने वाले इस ऐतिहासिक मेले में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए अंबाला डिपो ने कमर कस ली है। मेले में यात्रियों को सुगम यात्रा उपलब्ध कराने के लिए रोडवेज की ओर से विशेष बसें लगाई जाएंगी। यह बसें अंबाला सिटी बस अड्डे से संचालन करेंगी ओर पिहोवा पहुंचेंगी।
पिंडदान और आस्था का महापर्व
सरस्वती तीर्थ के पावन तट पर आयोजित होने वाला यह मेला न केवल हरियाणा, बल्कि पंजाब, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाभारत युद्ध के पश्चात भगवान श्रीकृष्ण ने यहीं वीरों का पिंडदान किया था। यही कारण है कि चैत्र चौदस पर देशभर से श्रद्धालु सरस्वती कुंड में आस्था की डुबकी लगाने और अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान व कर्मकांड करने पहुंचते हैं। यह मेला हिंदू-सिख एकता की मिसाल भी माना जाता है।
मेले के अंतिम दिन रहेगा विशेष जोर
अंबाला डिपो के महाप्रबंधक अश्वनी डोगरा ने बताया कि मेले के दौरान यात्रियों की संख्या के अनुसार बसों का परिचालन किया जाएगा। जैसे-जैसे श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ेगी, बसों की संख्या में उसी अनुपात में वृद्धि की जाएगी। विशेष रूप से मेले के अंतिम दिन रात्रि के समय श्रद्धालुओं को सुरक्षित उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए अंबाला सिटी बस अड्डा से 100 से अधिक अतिरिक्त बसें चलाने की योजना है। परिवहन विभाग की ओर से इस बात को प्राथमिकता दी जा रही है कि किसी भी श्रद्धालु को बसों के अभाव में परेशानी का सामना न करना पड़े। रोडवेज की ये विशेष बसें अंबाला सिटी बस अड्डा से सीधे पिहोवा मेले के लिए रवाना होंगी, ताकि अधिक से अधिक यात्री इस धार्मिक आयोजन का लाभ उठा सकें।