अंबाला। प्रदेश में पहली बार अंबाला-जगाधरी हाईवे पर कैंट के नागरिक अस्पताल के बाहर फुट ओवर ब्रिज पर लगा एस्केलेटर प्रशासनिक अधिकारियों की अनदेखी का शिकार हो रहा है। अस्पताल में आने वाली मरीजों को हाईवे पार करने व सीढि़यां चढ़ने में होने वाली परेशानी को देखते हुए आवागमन के लिए एस्केलेटर लगाया गया था लेकिन पिछले एक माह से इसकी मरम्मत का टेंडर न होेने के कारण यह ठप पड़ा है।
यही कारण है कि उम्रदराज बुजुर्गों के लिए यह ओर भी पीड़ादायक बनता जा रहा है। बुजुर्ग बंद पड़े एस्केलेटर का इस्तेमाल करते समय घुटनों में दर्द व सांस चढ़ने की पीड़ा से गुजर रहे हैं। बावजूद रखरखाव का जिम्मा उठाने वाले नगर परिषद की तरफ से इस ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया जा रहा है। जबकि रोजाना कैंट के नागरिक अस्पताल में दो हजार से ज्यादा मरीज दवा लेने के लिए पहुंचते हैं व ज्यादातर मरीज इसी एस्केलेटर के जरिये अस्पताल के सामने हाईवे पार करते हैं।
सालाना मरम्मत के लिए चार बार निकला टेंडर, कोई नहीं आया
यह एस्केलेटर अक्तूबर 2024 में नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से महाराष्ट्र की एक निजी कंपनी के जरिये तैयार करवाया गया था। शुभारंभ के बाद नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से इसके रखरखाव का जिम्मा नगर परिषद को सौंप दिया गया था। हालांकि पिछले एक साल से नगर परिषद ही इसकी देखरेख कर रहा था। यहां तक कि दो कर्मचारी भी लगाए गए है। इस बीच कई बार इसे दुरुस्त भी करवाया गया है। एक माह से ठप एस्केलेटर के बारे में पूछने पर नगर परिषद के अधिकारी यह कहकर पल्ला झाड़ रहे हैं कि उनकी तरफ से एस्केलेटर की मरम्मत के लिए पिछले चार माह में चार बार टेंडर निकाला गया है लेकिन दिलचस्पी ही नहीं दिखा रहा। पूरे साल की मरम्मत का यह टेंडर 9 लाख रुपये में दिया जाना था।
ठप एस्केलेटर को लेकर उलझ रहे मरीज, बताने के लिए भी कोई नहीं
अस्पताल में आने वाले मरीज रोजाना सुबह इस एस्केलेटर पर चढ़ने से पहले इसे चलाने के लिए बटन दबाकर माथा पच्ची करते हुए दिखाई देते हैं। बावजूद सुबह के समय कोई भी इन मरीजों को खराब एस्केलेटर के बारे में जानकारी देने वाला नहीं होता। न ही इस पर खराबी का कोई पोस्टर या बोर्ड लगा हुआ है। जबकि नगर परिषद की तरफ से दावा किया जा रहा है कि सुबह व शाम के समय दो सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी साफ-सफाई के साथ-साथ एस्केलेटर को ऑपरेट करने की है। मौजूदा समय में एस्केलेटर की ऑपरेटिंग बैल्ट खराब पड़ी है।
प्रशासन को पूरी गंभीरता के साथ ध्यान देना चाहिए
किशोरी कुमार का कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से फुट ओवर ब्रिज के साथ-साथ एस्केलेटर लगा है तो प्रशासन को पूरी गंभीरता से साथ इस ओर ध्यान देना चाहिए। इस एस्केलेटर के न चलने पर उम्रदराज को चढ़ते समय घुटनों में दर्द के साथ-साथ सांस भी चढ़ने लगता है।
प्राथमिकता पर रखकर करवाए दुरुस्त
सरबजीत कौर का कहना है कि मरीजों को इस एस्केलेटर से राहत को मिली है, लेकिन बार-बार खराब होने पर उतनी ही परेशानी भी होती है। इसलिए प्राथमिकता पर रखकर दुरुस्त करवाना चाहिए।
एस्केलेटर की मरम्मत के लिए निकाले गए टेंडर में अभी तक किसी ने दिलचस्पी नहीं दिखाई गई है। यह लगाने वाली कंपनी से ही संपर्क किया जा रहा है कि वो इसकी मरम्मत का भी जिम्मा संभाले। जल्द ही टेंडर जारी कर इसका समाधान किया जाएगा ताकि मरीजों को भी आने जाने में कोई परेशानी न हो।
- सोमवीर, जेई, नगर परिषद अंबाला कैंट
किशोरी कुमार
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