अंबाला। लंबित मांगों को लेकर केंद्रीय सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने मुख्य डाकघर के समक्ष किया प्रदर्शन किया तथा मांगे न माने जाने पर केंद्रीय कर्मचारी सीजीएचएस कार्यालय पीएंडटी कॉलोनी के बाहर 9 नवंबर को प्रदर्शन करने की चेतावनी दी। यह प्रदर्शन पोस्टल एंड आरएमएस सेवानिवृत्त वेलफेयर यूनियन के बैनर तले किया गया। इसमें सभी विभागों से केंद्रीय सेवानिवृत्त एवं कर्मचारी नेता शामिल हुए। मुख्य डाकघर के समक्ष दोपहर 12 से 2 बजे तक विरोध प्रदर्शन किया गया।
रोष प्रदर्शन में डाक विभाग, इनकम टैक्स, सेहत विभाग, एफसीआई, बीएसएनएल, बैंक, बिजली विभाग, नापतोल विभाग, रेल विभाग, पीडब्लूडी, सफाई कर्मचारी संघ, रोडवेज विभाग, एलआईसी, प्रदेश अध्यक्ष परशुराम सेना के लोग शामिल हुए तथा सरकार से मांग की कि कर्मचारियों की मांगों को अति शीघ्र माना जाए। पोस्टल एंड आरएमएस पेंशनर्स वेलफेयर यूनियन ने सरकार द्वारा रोके गए केंद्रीय कर्मचारियों के डीए को बहाल करने पर प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया। लेकिन सरकार द्वारा इस अवधि के एरियर का भुगतान नहीं किए जाने पर अब यूनियन ने प्रधानमंत्री को 6 सितंबर को पत्र लिखा तथा अनुरोध किया है कि 18 महीने के एरियर का भुगतान भी किया जाए लेकिन सरकार ने कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की।
इसलिए यूनियन ने मुख्य डाकघर के बाहर रोष प्रदर्शन किया। सचिव आरपी टांडा व प्रधान रमन ने बताया है कि पहले भी पेंशन भोगी डाक कर्मचारी यूनियन द्वारा अपनी उपरोक्त मांगों को लेकर प्रधानमंत्री को 24 मार्च, 27 अप्रैल और 6 सितंबर को महामहिम राष्ट्रपति को डीए बहाली तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी मामलों पर पत्र लिख चुके हैं। इस मौके पर राम प्रसाद टांडा, रमन शर्मा, सरदारा राम, श्यामचंद, सुभाष शर्मा, हरदयाल, श्रीराम, सुनील, नंद किशोर, राम चंद्र, लेखराज, कर्मपाल, हुकम चंद चड्डा, आरके बबूटा, विमल हंस, संदीप कालड़ा आदि मौजूद रहे।