इस मामले में पुलिस साइबर सेल की मदद ले रही है। वह देख रहे हैं कि बीते कुछ समय में अंबाला से जम्मू कश्मीर, पंजाब या अन्य राज्याें में किस टावर के तहत बात की है। मोबाइल डंप उठाया गया है। इसे भी बारीकी से देखा जा रहा है।
ग्रेनेडों की तस्करी पर गहरा रहा शक
1. जिस पाइप के टुकड़े में हैंड ग्रेनेड मिले हैं, उसे ऐसे पैक किया है कि वे रास्ते में कहीं हिल नहीं सकते थे। इसमें फोम भरी थी, दोनों तरफ से पाइप को एक विशेष कैप से बंद किया था।
2. हैंड ग्रेनेडों पर भी मजबूत टेप से बांधा था, जिससे कि उसका पिन खुले न, क्योंकि पिन निकलने पर धमाका भी हो सकता है। यह प्रबंधन इसलिए थे कि ग्रेनेड सुरक्षित अपने स्थान तक पहुंचे।
3. इन ग्रेनेडों को जिस पाइप में रखा वह भारत में निर्मित है। ऐसे में यह प्रतीत होता है कि सीमा पार से इन्हें भेजा गया फिर भारत में पाइप में इसे बंद आगे डिलीवर करना था।
4. पाइप के टुकड़े के अंदर जिन चार प्लास्टिक के कैपनुमा चीज के अंदर उक्त हैंड ग्रेनेड थे, उन पर मुदस्सर वीआईपी पाइप अंकित था। मुदस्सर नाम से ही कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं न कहीं उक्त हैंड ग्रेनेड का पाकिस्तान के साथ लिंक हो सकता है।
5. पाकिस्तान की सीमा पंजाब से लगी है और पंजाब की सीमा शहजादपुर से। उस दिन पंजाब में भी एनआईए की रेड थी। ऐसे में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि कहीं पंजाब से अंबाला में लाकर यह ग्रेनेड तस्करों ने छिपाए न हों।