अंबाला। छावनी तहसील में तहसीलदार द्वारा नियमित कॉलोनियों की भी रजिस्ट्री नहीं की जा रही। इस कारण प्रॉपर्टी कारोबारियों सहित आमजन को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस मुद्दे के समाधान को लेकर रविवार को इनेलो कार्यकर्ताओं की एक विशेष बैठक हुई। प्रदेश प्रवक्ता ओंकार सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की। प्रवक्ता ने कहा कि बहुत अजीब व हास्यास्पद बात है कि गृहमंत्री के हल्के में तहसीलदार नियमित कॉलोनियों की भी रजिस्ट्री नहीं कर रहे हैं और जनता परेशान है, सुध नहीं ली जा रही है।
यह समझ से परे है कि अधिकारी काम करना नहीं चाहते या किसी के निर्देश पर कार्य नहीं कर रहे। उन्होंने कहा कि तहसीलदार के अनुसार हरियाणा डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन ऑफ अर्बन एरिया एक्ट की धारा 7-ए के तहत नियमित कॉलोनी की एनओसी भी जिला नगर योजना कार्यालय से लेनी आवश्यक है। इस बारे में तत्कालीन तहसीलदार ने 12 अप्रैल के पत्र क्रमांक 370 के द्वारा जिला नगर योजनाकार से स्पष्टीकरण भी मांगा था। इसका जवाब डीटीपी के कार्यालय के पत्र क्रमांक 1323 दिनांक 6 मई द्वारा स्पष्ट कर दिया गया कि अधिकृत/नियमित कॉलोनी में अधिनियम की धारा 7-ए लागू नहीं होती। अधिनियम की धारा 7-ए में भी स्पष्ट है कि यह धारा नियमित कॉलोनी, लाइसेंसी कॉलोनी, पारिवारिक बंटवारे, जद्दी जायदाद या संयुक्त होल्डिंग जिसका उद्देश्य लाभ कमाना न हो के बारे स्पष्ट प्रावधान करती है।
अब इस संबंध में स्पष्ट जवाब डीटीपी कार्यालय से भी आ चुका है तो फिर तहसीलदार छावनी किस बात का इंतजार कर रहे हैं। बैठक में एकमत से यह फैसला लिया गया कि अगर एक सप्ताह में व्यवस्था को दुरुस्त करके रजिस्ट्रियां शुरू न की गई तो वह उच्च न्यायालय की शरण लेकर जनता को न्याय दिलवाने का कार्य करेंगे। इस अवसर पर धर्मपाल, सुभाष चंद, छोटे लाल, रमेश कुमार यादव, राज कुमार, सुरजीत कुमार डोगरा, सुनील कुमार तिलकधारी, जय चंद मिश्रा व ज्ञान गुप्ता आदि उपस्थित रहे।